बाबा हरदेव सिंह के निधन पर शोकाकुल अनुयायी।
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विश्व भर में विख्यात सत्यगुरु बाबा हरदेव सिंह महराज के आकस्मिक निधन पर जिले भर के अनुयायियों में गहरा शोक रहा।। शाम तक सत्संग भवन में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनकी तस्वीर के सामने बैठकर भजन गाए। 15 साल पहले बाबा ने धर्मनगरी में जो अनुयायियों को संदेश दिया था उसे याद कर सभी की आंखे नम हो गई।
शुक्रवार को जैसे ही निरंकारी संतों को पता चला कि उनके सत्यगुरु बाबा हरदेव सिंह गोलोकवासी हो गए तो सभी की आंखों में बरबस आंसू बहने लगे। निरकांरी लोटन प्रसाद और शिवभवन मुखी ने उनके संस्मरण में बताया कि लगभग 15 साल पहले बाबा इलाहाबाद से बांदा जा रहे थे तभी बस स्टैंड के आगे अनुयायियों ने उनको रोककर फूलमालाओं से स्वागत किया।
बताया कि बाबा ने उस एेतिहासिक सत्संग में कहा था कि इस धर्मनगरी के लोग धन्य हैं। सभी को निरंकारी से जोड़ने में जो आनंद मिले उससे ही आगे बढ़ना चाहिए। इंसान ही समाज सेवा कर महान बनता है और वही भगवान का स्वरूप है।
अनुयायियों ने बताया कि इसके बाद बाबा चित्रकूट तो नहीं आए लेकिन उम्मीद थी कि एक-दो साल के अंदर उनका कार्यक्रम यहां लगना था। जिले में लगभग दस हजार से ज्यादा अनुयायी हैं।