फाइटर प्लेन के क्रैश होने की अफवाह ने सोमवार को पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए। दिन भर अधिकारी और वन कर्मी जंगलों की खाक छानते रहे। देर शाम एसपी पवन कुमार ने कहा कि छानबीन में अब तक तो कुछ पता नहीं लगा है। सतर्कता के तौर पर जंगलों में सर्चिंग कराई जा रही है।
सोमवार सुबह लगभग दस बजे मुख्यालय में यह अफवाह तेजी से फैली कि वायुसेना का एक लड़ाकू विमान पाठा में यूपी और एमपी सीमा के पास कहीं दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। चर्चा रही कि इससे कूदकर पायलट ने जान बचा ली और प्लेन पूरी तरह जल गया। सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्स अप में किसी ने विमान हादसे की कोई पुरानी तस्वीर भी डाल दी। इससे ये तस्वीर वायरल हो गई और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। पहले बताया गया कि प्लेन रैपुरा थाने के लौरी हनुमानगंज के पास कर्का आश्रम के पास गिरा है। इसके बाद हवा उड़ी कि प्लेन बरगढ़ के पास जनेह के जंगल में गिरा है।
बरगढ़ रेंज के वन दारोगा सुरेश त्रिपाठी ने बताया कि वह सहयोगियों के साथ लौरी जंगल में गश्त कर रहे थे कि तभी उनके पास रेंजर एनके त्रिपाठी का फोन आया कि सूचना मिली है कि जंगल में कहीं वायुसेना का लड़ाकू विमान गिरा है। इस पर उन्होंने कर्का सहित विभिन्न जंगलों में इसके बारे में पता करना शुरू किया पर कुछ नहीं मिला। वह लौट रहे थे तभी एसपी पवन कुमार, एसडीएम मऊ एके श्रीवास्तव, एसओ मानिकपुर, एसओ रैपुरा आदि फायर ब्रिगेड और भारी पुलिस बल के साथ कर्का आश्रम पहुंच गए।
जब अधिकारियों ने उनसे इस बाबत पूछा तो उन्होंने पूरी रिपोर्ट दी और बताया कि कहीं कुछ नहीं मिला है। इसके बाद उन्होंने कोटा कदैला बीट में भी इसकी जानकारी ली। रैपुरा से जुड़े इस बीट में भी कुछ नहीं मिला। मानिकपुर, रैपुरा एसओ ने भी जानकारी ली पर कुछ नहीं निकला। इसके बाद एसपी ने बताया कि अभी तक प्लेन क्रैश की बात सिर्फ अफवाह लग रही है। उन्होंने पुलिस अफसरों को कांबिंग के निर्देश दिए हैं। वायुसेना के कार्यालयों कानपुर और इलाहाबाद स्टेशनों में विंग कमांडरों से बात की गई। सभी जगहों पर यह कहा गया है कि उनके विमान सुरक्षित हैं।