लालापुर मेले में मिली बच्ची रोशनी को आखिरकार चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। बच्ची की मां की तलाश में चाइल्ड लाइन की टीम बुधवार को इलाहाबाद रवाना हो गई, जहां उसने अपनी मां के होने की बात कही है।
करीब दो माह पहले लालापुर के मेले में दुकान लगाने आए किसी व्यक्ति के साथ आई बच्ची बिछड़ गई थी। बाद में मिर्जा हकीमपुर के लोग इसे अपने साथ ले गए। वहां के चौकीदार गोविंद ने पहाड़ी थाने में इसकी सूचना दी तो पुलिस ने गोविंद से कहा कि बच्ची के मां-बाप के न मिलने तक उसे अपने पास रखे। लगभग दस वर्षीया बच्ची ने अपना नाम रोशनी बताया। अमर उजाला ने इस संबंध में समाचार भी प्रकाशित किए। तब एसओ मनीष कुमार ने कहा था कि बच्ची के बताए पतों पर उसके अभिभावकों का पता लगाया जा रहा है।
सर्वोदय सेवा आश्रम स्थित चाइल्ड लाइन कार्यालय से जिला समन्वयक रश्मि कपूर ने बताया कि रोशनी उनके पास है। एक मई को एसओ मनीष कुमार ने चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर फोन किया था। इसके बाद एक कांस्टेबल बच्ची को अगले दिन उनके सुपुर्द कर गया। बताया कि बच्ची की सुपुर्दगी होने पर इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति को दी गई। बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
उन्होंने बताया कि बुधवार को सर्वोदय सेवा आश्रम के अभिमन्यु भाई, बाल संरक्षण अधिकारी सौरभ सिंह, काउंसलर अर्चना श्रीवास्तव और टीम सदस्य महेंद्र सिंह बच्ची को लेकर उसकी मां का पता लगाने इलाहाबाद गए हैं। इसके पूर्व बच्ची के बताए पते काकोरी जिला सीतापुर में उसके चाचा छंगा सिंह मिले पर रोशनी ने उनके साथ जाने से इंकार कर दिया। बच्ची ने दारागंज इलाहाबाद में पता बताया है, अब वहां भी जानकारी की जा रही है।