मानिकपुर (चित्रकूट)। डकैत गौरी यादव गैंग ने बृहस्पतिवार को ददरी मारकुंडी मार्ग के निर्माण कार्य को रुकवाकर संबंधित ठेकेदार से साढ़े सात लाख रुपये की रंगदारी मांगी है। इससे भयभीत भाजपा नेता और ठेकेदार ने अपनी एवं मजदूरों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल को पत्र लिखा है।
पूर्व ब्लाक प्रमुख और ठेकेदार जयप्रकाश पांडेय भाजपा के सक्रिय सदस्य हैं। उनकी कंपनी जयप्रकाश पांडेय कंस्ट्रक्शन ने मारकुंडी थाना क्षेत्र के ददरी से मारकुंडी तक की पांच किमी सड़क की डामरीकरण का ठेका लिया है। सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी द्वारा लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
ठेकेदार मे बताया कि मंगलवार की शाम को करीब चार बजे असलहाधारी चार लोग मौके पर पहुंचे और मजदूरों एवं मुंशी को धमकी देते हुए काम बंद करा दिया। खुद को डाकू गौरी यादव की गैंग का सदस्य बताकर साढ़े सात लाख रुपये पहुंचाने के बाद ही काम शुरू कराने को कहा। डाकू गैंग की धमकी से डरे मजदूरों ने काम बंद कर दिया और वहां से भाग गए।
भाजपा नेता और ठेेकेदार जयप्रकाश ने बृहस्पतिवार को एसपी अंकित मित्तल को मामले की जानकारी दी। कहा कि मजदूरों में खौफ है, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जाए। लोनिवि के अवर अभियंता अमित पटेल ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने धमकी देकर काम बंद कराया है। जिससे दो दिन से काम रुका हुआ है। इसकी जानकारी बड़े अफसरों को दे दी गई है।
इस बाबत थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि किसी ने सड़क निर्माण रुकवाने या रंगदारी मांगने की शिकायत नहीं की है। वहीं ठेकेदार जयप्रकाश पांडेय का कहना है कि उनको पहले भी पुलिस की ओर से सुरक्षा गार्ड मिला था। उनके पास शस्त्र लाइसेंस भी है। ऐसे में वह गलत शिकायत नहीं करेंगे। उनके विरोधी गलत प्रचार कर रहे हैं।
गैंग के रंगदारी मांगने पर उठे सवाल
भाजपा नेता से साढ़े सात लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सवाल उठ रहे हैं। ोत्र में पहले डाकू ददुआ, ठोकिआ, बलखडिया व बबली कोल गैंग सरकारी काम में अड़ंगा डालकर वसूली करते थे। अब गौरी गैंग को छोड़कर कोई नहीं बचा है।
इस गैंग की भी मारक क्षमता बेहद कम बताई जाती है, इसलिए सत्ताधारी दल से जुडे़ ठेकेदार को धमकी देकर रंगदारी मांगने पर सवाल उठ रहे हैं। लगभग छह माह से गैंग का पुलिस के भय के चलते कुछ पता नहीं चल रहा है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सुरक्षा व शस्त्र लाइसेंस के साथ निर्माण कार्य के दौरान पुलिस की मौजूदगी कराने के उद्देश्य से यह प्रयास हो सकता है।