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सड़क चौड़ीकरण का विरोध: गौरीहार मंदिर बचा

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फोटो-13सीकेटीपी 12 सड़क चौड़ीकरण की नापजोख के दौरान मौजूद लोग। संवाद
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फोटो-13सीकेटीपी 13 तहसीलदार को मांगपत्र देते लोग। संवाद
-40 परिवारों पर मंडराया बेघर होने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
खोही (चित्रकूट)। चित्रकूट क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर लोगों के घरों को फिर से तोड़ने की तैयारी है। प्रशासन द्वारा गौरीहार मंदिर को बचाते हुए सामने स्थित लोगों के घरों को तोड़ने की कोशिशों का स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध किया है। प्रभावितों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस दोबारा चौड़ीकरण से करीब सवा दो सौ लोग प्रभावित होंगे, जिनके मकान, होटल, लॉज और धर्मशालाएं तोड़े जाने की आशंका है।
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नगर परिषद चित्रकूट निवासी योगेंद्र, सौरभ, शिव पूजन, हिमांशु ने बताया कि कुछ दिन पूर्व भी सड़क चौड़ीकरण के नाम पर कई भवनों को तोड़ा जा चुका है। हालांकि, गौरीहार मंदिर को नहीं छुआ गया, क्योंकि मंदिर संचालक ने स्टे आर्डर प्राप्त कर लिया था। इसी कारण सड़क का मानक के अनुसार चौड़ीकरण नहीं हो पाया। अब प्रशासन द्वारा दोबारा नापजोख शुरू करने से लोग बेघर होने की कगार पर हैं। तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला, नायब तहसीलदार चित्रकूट एसके. भदौरिया तथा नगर परिषद चित्रकूट के मुख्य नगर अधिकारी अंकित सोनी टीम के साथ गौरीहार मंदिर के पास पहुंचे और सड़क की चौड़ाई, भवनों की स्थिति और संभावित प्रभाव क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा भूमि की नाप-जोख की। लोगों का कहना है कि यदि मंदिर को नहीं तोड़ा गया तो लगभग 40 परिवारों के मकान, दुकानें, होटल, लॉज और धर्मशालाएं प्रभावित होंगी, जिससे करीब 225 लोगों के सामने विस्थापन की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से सड़क निर्माण का कोई ऐसा वैकल्पिक मार्ग निकालने की गुहार लगाई है, जिससे मंदिर और आमजन दोनों को नुकसान न पहुंचे।
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