मानिकपुर (चित्रकूट)। डाकू हनीफ गैंग के सदस्य और 20 हजार रुपये का इनामी संपत मवासी को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की सुबह देवांगना पहाड़ के पास से मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक बंदूक और पांच कारतूस भी बरामद किए हैं। संपत मवासी पहले डाकू गौरी गैंग का सदस्य भी था। यूपी और एमपी की पुलिस डाकू की कई माह से तलाश कर रही थी।
पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि पुलिस को लगातार पुराना बहिलपुरवा निवासी डाकू संपत उर्फ शिवसंपत मवासी (कोल) के मुख्यालय के आस पास होने की सूचना मिल रही थी। इसी के मद्देनजर सदर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र त्रिपाठी शुक्रवार की सुबह फोर्स संग देवांगना पहाड़ के कोट तीर्थ के पास पहुंचे। इस दौरान पुलिस को देखकर संपत ने फायर करने शुरू कर दिए।
डाकू को फायर करता देख पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। पुलिस को फायर करता देख डाकू संपत भागने लगा तो पुलिस ने दौड़ाकर उसको दबोच लिया। पुलिस को उसके कब्जे से एक बंदूक व पांच कारतूस भी मिले हैं। एसपी ने बताया कि कोरोना की जांच कराने के बाद डाकू को अदालत में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा उस पर बीस हजार रुपये का इनाम घोषित था।
यूपी-एमपी पुलिस कर रही थी तलाश
यूपी व एमपी पुलिस कई माह से जंगलों में डाकू संपत मवासी की तलाश कर रही थी। कई बार पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन हर बार पुलिस को चकमा देकर भाग निकलता था। अभी हाल ही में डाकू ने कुछ गांवों में दहशत फैलाने का प्रयास कर रहा था। ढाई माह पूर्व 15 नवंबर की रात बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव में उसने दो युवकों को पकड़ा और हवाई फायरिंग कर मोटी रकम की मांग की थी। लगातार बढ़ती वारदातों से बहिलपुरवा थाना क्षेत्र व यहां से सटे मप्र के नया गांव थाना क्षेत्र में उसकी दहशत बढ़ रही थी।
चित्रकूट, सतना में आठ मामले दर्ज
संपत के खिलाफ चित्रकूट व सतना जिले के थानों में हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी, लूटपाट व छिनैती के अलावा पुलिस मुठभेड़ के आठ मामले दर्ज हैं। पहले यह डाकू हनीफ के साथ डाकू गौरी यादव के गैंग में रहता था। इसके बाद दोनों ने गैंग छोड़कर बबुली गैंग में शामिल होने का प्रयास किया था, लेकिन कुछ माह बाद ही ये अपना अलग गैंग बनाकर मऊ, बरगढ़ व रामनगर क्षेत्र में वारदात करने लगे। लगभग सात माह पहले संपत ने हनीफ गैंग का भी साथ छोड़ दिया था।