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Chitrakoot News: एसआईटी के सवालों पर कांपे रिटायर्ड एटीओ अवधेश

Sun, 16 Nov 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। कोषागार विभाग के 43.13 करोड़ के घोटाले में नामजद रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह 29 वें दिन शनिवार को एसआईटी के सामने पेश हुए। करीब एक घंटे की एसआईटी की पूछताछ में वो ठंडी में भी पसीना पोंछते नजर आए। कई सवालों पर वो हड़बड़ाए। कहा कि कुछ व्यवहारिक प्रक्रिया के चलते घोटाला इतने लंबे समय तक चला। कई बार उन्होंने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया तो अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों को दोषी ठहराया।
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17 अक्तूबर को कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के घोटाला की जांच जारी है। इस घोटाले में नामजद रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर थे, जिन्हें हाल ही में उनकी गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे मिला है। इस मामले में आखिरकार शनिवार को 29वें दिन रिटायर्ड एटीओ स्टे कापी लेकर अधिवक्ता के साथ एसआईटी के सामने पहुंचे। अचानक रिटायर्ड एटीओ के आने पर एसआईटी ने पूछताछ शुरू की। अधिवक्ता ने स्टे देकर बताया कि 20 नवंबर तक का गिरफ्तारी पर स्टे है।
बाद में एसआईटी ने एक-एक उनसे सवालों की बौछार कर दी। सबसे पहले उनसे यह पूछा कि इतने दिन कहां थे तो बताया कि तबियत खराब थी और बाहर इलाज चल रहे थे। नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस सूचना क्यों नहीं दी तो वह कुछ नहीं बोले। पेंशन घोटाला को लेकर उनसे सवाल हुए तो कई बार तो कहा कि उन्हें नहीं पता कैसे हुआ, जब जांच टीम ने उनके हस्ताक्षर युक्त कागजात व ऑनलाइन ब्योरा दिया तो उनके चेहरे पर पसीना आ गया।
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कुछ देर बाद उन्होंने माना कि करोड़ों का लेनदेन विभागीय कर्मचारियों ने किया है, लेकिन उनका रोल नहीं है। जब उनसे भुगतान प्रक्रिया व रुपये भेजने की प्रक्रिया पर सवाल हुए तो बताया कि तीन स्थानों से फाइल में हस्ताक्षर व जांच के बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी के पास जाती है। दबी जुबान में उन्होंने माना कि घोटाला में वर्तमान में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारी दोषी हैं, वह तो रिटायर्ड हो चुके हैं।
एसआईटी ने उनसे कहा जब दोषी नहीं थे तो इतने दिन क्यों छिपे रहे मगर इसका उन्होंने जवाब नहीं दिया। बाद में उन्हें दो दिन में फिर से आने के लिए कहा है।

खबर का असर-
तीनों के खाते सीज
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। अमर उजाला ने 15 नवंबर को कोषागार घोटाला मामले में खबर छापी है कि आरोपी विभागीय अधिकारियाें व कर्मचारियों के बैंक खाते का संचालन बंद नहीं है। कुछ से लेन देन का प्रयास हुआ है। खबर का संज्ञान में लेकर डीएम पुलकित गर्ग ने शनिवार को वरिष्ठ कोषाधिकारी से विवरण मांगा। दोपहर 12 बजे तीनों खातों का संचालन बंद किया गया।
घोटाला मामले में रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह के अलावा जेल में बंद एटीओ विकास सचान व अकाउंटेंट अशोक कुमार के बैंक खाते का संचालन बंद करने का आदेश हुए थे लेकिन खाता चलते पाए गए। एक अन्य आरोपी संदीप की मृत्यु हो चुकी है। उसका बैंक खाता संचालन पहले ही बंद कर जांच में शामिल किया गया है। शुक्रवार को संचालित तीन आरोपियों के खाते से लेनदेन का भी प्रयास हुआ, हालांकि लेनदेन नहीं हो सका। डीएम की पहल पर तीनों खाते का संचालन बंद कराया गया है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि विकास, अशोक व अवधेश के बैंक खाते का संचालन बंद कराया गया है। संदीप के तीन बैंक खाते का संचालन पहले से ही बंद है।
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