चित्रकूट । कोषागार घोटाले में नामजद आरोपियों की संपत्ति की जांच शुरू हो गई है। शनिवार को जेल में बंद दो बिचौलियों की संपत्ति की जांच की गई। साथ ही जेल में बंद एटीओ व अकाउंटेंट की पांच साल में खरीदी गई अचल संपत्ति की सूची भी तैयार की जा रही है।
कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाले में जांच टीम ने घोटाला की रकम की रिकवरी के लिए पेंशनर व उनके परिजनों को कुछ मोहलत दी थी। जिस पर 29 दिन बाद मात्र तीन करोड़ 60 लाख की धनराशि ही जमा हो सकी। रिकवरी धीमी होने से अब डीएम पुलकित गर्ग व एसपी अरुण कुमार सिंह ने सख्त निर्देश दिए कि अब ढील देना उचित नहीं है। जिन नामजद आरोपियों ने धनराशि जमा नहीं की है, उनकी संपत्ति की जांच कराकर वसूली प्रक्रिया शुरू की जाए। शुक्रवार को एसआईटी ने 10 पेंशनरों की सूची बनाई की थी, जिन्होंने वर्ष 2018 से 2025 के बीच में कई संपत्तियां खरीदी व बेची हैं।
शनिवार को भी जांच टीम ने दो बिचौलियों के अलावा जेल में बंद एटीओ विकास सचान व अकाउंटेंट अशोक कुमार की संपत्ति का विवरण एकत्र कर सूची तैयार की जा रही है। पूरे मामले में रजिस्ट्री विभाग के उपनिबंधक राजेश कुमार को भी पत्र लिखकर नामजदों के नाम से खरीदी-बेची जमीन व अन्य संपत्ति का ब्यौरा मांगा है। वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने बताया कि संपत्ति की जांच व ब्यौरा का काम एसआईटी कर रही है।
उन्होंने जो कागजात मांगे उन्हें दिया गया है। एसआईटी प्रभारी अरविंद वर्मा ने बताया कि जांच के क्रम में सारे साक्ष्य एकत्र हो रहे हैं। संपत्ति का ब्योरा भी एकत्र हो रहा है। कई नामजद की संपत्ति का ब्योरा मिल भी गया है।