सरकार ने प्राकृतिक आपदा के बाद खेतों में मौजूद फसल को बचाने की पहल की है। सूखे और बाढ़ से फसल चौपट होने के बाद बची फसल का उत्पादन अच्छा कराने के लिए सरकार ने खाद के दाम फिर घटा दिए हैं। क्षेत्र में सर्वाधिक प्रयोग होने वाली डीएपी 56 रूपए और एनपीके 50 रुपए प्रति बोरी की सस्ती हो गई है।
तीन सालों से कभी सूखा तो कभी बाढ़ का दंश झेल रहे किसानों की फसल मुश्किल से तैयार हो पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र व प्रदेश की सरकारों ने किसानों के लिए सस्ते दाम पर बीज व खाद उपलब्ध कराना शुरू किया है।
इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक रामरतन ने बताया कि तीन माह के अंदर सरकार ने डीएपी और एनपीके खाद के दाम दो बार कम किए हैं। इफ्को राज्य वितरण लखनऊ के प्रबंधक रिशी पाल ने विभागीय रजिस्ट्रार को आदेश दे दिए हैं और यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू भी हो गई हैं।
नए दामों के अनुसार अब डीएपी खाद की एक बोरी 1050 की मिलेगी जो पहले 1106 रूपए थी। इसी प्रकार एनपीके खाद की एक बोरी 989 रूपए की मिलेगी जो पहले 1039 की थी। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार शासन ने 25 मई को डीएपी के दाम 1191 से घटाकर 1141 प्रति बोरी कर दिए थे। 16 जुलाई को फिर दाम घटाकर 1106 रूपए किए और अब फिर 56 रुपए कम कर दिए गए हैं।
इसी प्रकार एनपीके का दाम 1089 रूपए प्रति बोरी था। जिसे 25 जुलाई को घटाकर 1039 किया गया और अब 50 रुपए फिर घटाकर 989 रूपए कर दिया गया है। यह आदेश इसी 15 सितंबर को सभी केंद्रों में आ चुके हैं और इसे लागू भी कर दिया गया है।