चित्रकूट। जिले और मध्य प्रदेश में पिछले एक हफ्ते से हो रही मूसलाधार बारिश ने मंदाकिनी नदी के साथ-साथ सभी बड़े बांधों को खतरे में डाल दिया है।
मंदाकिनी 129.400 मीटर पर खतरे के निशान से 2.2 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं रसिन बांध में 83.89% पानी भरने से फटने का खतरा मंडराने लगा, ऐसे में गेट खोलकर पानी छोड़ा गया।
मंदाकिनी का जलस्तर 14 अगस्त से ही उतार-चढ़ाव पर है। 17 अगस्त को पहली बार 127.200 मीटर पर खतरे का निशान टूटा। 19 अगस्त को दोपहर 1:45 बजे 126.730 मीटर और रात 8:45 बजे 126.700 मीटर दर्ज किया गया। फिर थोड़ा घटा लेकिन 20 अगस्त सुबह 10:15 बजे जलस्तर 129.400 मीटर तक पहुंच गया। तब से हर 15 मिनट में स्तर घट-बढ़ रहा है पर खतरे से नीचे आने का नाम नहीं ले रहा। नतीजतन, पिछले 48 घंटे से रामघाट की 150 से ज्यादा दुकानें पानी में डूबी हैं।
कई दिनों से लगातार बारिश की वजह से रसिन बांध का जलस्तर 4.300 मिली घन मीटर से बढ़ कर 11.325 मिली घन मीटर पहुंच गया है। जिस कारण बांध के गेट खोलने पड़े। नहीं तो बांध फटने का खतरा शुरू हो गया था। इसी तरह गुंता बांध के जलस्तर में भी खूब बढ़ोत्तरी हुई है।
सात अगस्त को 9.30 था, जो अब बढ़ कर 21.05 हो गया है। वहीं ओहन बांध का भी जलस्तर दोगुना हो चुका है। जो 8.32 से बढ़ कर 16.65 मिली घन मीटर तक पहुंचा है। इसी तरह बरुआ बांध का जलस्तर 5.349 से बढ़ कर 7.613 मिली घन मीटर तक ही पहुंचा है। इस बांध में सबसे कम जलस्तर की बढ़ोत्तरी हुई है।
तलहटी में बसे निचले गांवों पर खतरा
मंदाकिनी और बांधों से छोड़े जा रहे पानी से नदी किनारे और निचले इलाकों के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। सिंचाई, राजस्व और पुलिस की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं।
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वर्जन
मंदाकिनी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। अभी दुकानों तक पानी है। तीन बांधों में जलस्तर दोगुने से अधिक बढ़ा है। स्थिति पर लगातार नजर है।- एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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फोटो 21 सीकेटीपी 16 रसिन बांध के खोले गए फाटक। संवाद