पानी के लिए जिले में चारों तरफ मारामारी मची है। कहीं पानी का टैंकर पहुंचते ही लोग बाल्टी लेकर दौड़ पड़ते हैं, वहीं कुुछ स्थान ऐसे भी हैं। जहां पानी की कोई कीमत नहीं समझी जा रही। नल के पानी से ट्रक धोए जाते हैं।
पंजाब सरकार ने पेयजल संकट को देखते हुए वाहन धुलाई पर रोक लगाई है, लेकिन बुंदेलखंड क्षेत्र में सूखा पड़ने के बाद भी लोग पानी की बर्बादी करने से नहीं चूकते। मामला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट मार्ग का ही है। सोनेपुर गांव के पास एक ट्रक चालक ने पहले एक घर से पीने का पानी मांगा फिर थोड़ी देर बाद उसी पाइप से ट्रक को धोना भी शुरू कर दिया। यह नजारा अक्सर कई स्थानों पर देखने को मिल जाता है।
इसके विपरीत जहां पेयजल का संकट है वहां डीएम के निर्देश पर टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। मुख्यालय के समीपवर्ती खोह गांव में गुरुवार की सुबह जैसे ही टैंकर पहुंचा तो महिलाएं, पुरुष व बच्चे बाल्टी लेकर दौड़ पडे़। थोड़ी देर बाद आलम यह रहा कि ग्रामीणों ने जितना पानी पीने के लिए प्रयोग किया उतना ही वहां बर्बाद भी किया।
टैंकर चालक व प्रधान चिल्लाते रहे कि अब आगे पुरवा में टैंकर जाना है, लेकिन ग्रामीणों ने टैंकर बढ़ने नहीं दिया। सैकड़ों लीटर पानी जमीन पर गिरा दिया। कुछ युवक तो वहीं बैठकर नहाने भी लगे।