फोटो- 22सीकेटीपी 21 वन विभाग कार्यालय में आए कैमरों को देखते कर्मी। संवाद
चित्रकूट। रानीपुर टाइगर रिजर्व का पूरा 52 हजार हेक्टेयर क्षेत्र अब कैमरे ट्रैप की निगरानी में होगा। इसके लिए दुधवा राष्ट्रीय उद्यान से 280 कैमरे भेजे गए हैं, जबकि 70 कैमरे वन विभाग खुद खरीदेगा। इस एरिया में 350 नए कैमरे लगाए जाएंगे। इस पर करीब 24.50 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी।
वर्तमान में रानीपुर टाइगर रिजर्व में केवल 125 कैमरा ट्रैप लगे हैं, जो पूरे वन क्षेत्र की निगरानी के लिए अपर्याप्त थे। घने जंगल के कारण अक्सर पत्थर खनन और पेड़ों के अवैध कटान की घटनाएं होती रहती थीं। शिकायतों के बावजूद दोषियों की पहचान करना कठिन था।
इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग ने शासन को पूरे क्षेत्र में कैमरे लगाने का प्रस्ताव भेजा था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद यह पहल की जा रही है। प्रत्येक कैमरे में दो बैटरी और एक मेमोरी कार्ड लगा होगा।
वन विभाग को अक्सर जंगल में होने वाले पत्थर खनन और पेड़ों के कटान की जानकारी नहीं मिल पाती थी। जंगल किनारे के गांवों के लोग रात के अंधेरे में चोरी से पेड़ काट ले जाते थे। कैमरे लगने के बाद इन गलत गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सकेगी। इससे वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
एसडीओ राजीव रंजन सिंह ने बताया कि अभी तक जंगल में 125 कैमरे ट्रैप लगे थे। अब दुधवा राष्ट्रीय उद्यान से 280 कैमरे आ गए हैं और 70 विभाग खरीदेगा। उन्होंने कहा कि इससे पूरे वन क्षेत्र की निगरानी हो सकेगी। पत्थर खनन और पेड़ों की कटान पर भी रोक लगेगी, जिससे वन्यजीवों को भी लाभ होगा।