भगवान राम की तपोभूमि में महाशिवरात्रि पर हर-हर महादेव की गूंज दिनभर रही। शुक्रवार को धर्मनगरी के सभी शिवालयों में सुबह से जलाभिषेक कर पूजन करने की होड़ मची रही। शाम को रामघाट में मत्गयेंद्रनाथ स्वामी की सोने-चंादी के जेवरात व फूलों से सजी झांकी निकली। इसी प्रकार मुख्यालय में व्यापारियों ने नई बाजार में शिवबारात निकाली। शाम को जगह-जगह ठंडई व भांग का दौर भी चला।
महाशिवरात्रि पर्व पर मत्यगयेंद्रनाथ मंदिर से शंकर भगवान की बारात बडे़ धूमधाम से निकाली गई। अबीर गुलाल से बारातियों को नहला दिया गया। मंदिर के पुजारी विपिन महराज ने बताया कि इस दिन भगवान शिव का विशेष श्रंगार किया गया है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष ने अजीत सिंह ने बताया कि यह पर्व हर्षोउल्लास वातावरण में धूमधाम से मनाया जाता हे। मंदाकिनी तट रामघाट से शाम को भगवान शिव की बारात निकाली गई। वहीं, भगवान शिवजी विवाह का भी मंचन किया गया।
इसके अलावा मुख्यालय में जितेंद्र धतुरहा, राहुल गुप्ता,गोलू गुप्ता, धर्मचंद्र आदि ने डीजे की धुन पर शिवबारात निकाली। आकर्षक झांकी सजाई गई। रास्ते में सभी को प्रसाद वितरित किया गया। भागवत प्रवक्ता नवलेश दीक्षित ने बताया कि शिवरात्रि व्रत करने से व्यक्ति की भोग एवं मोक्ष दोनो की प्राप्ति होती है। इस पर्व का व्रत करने से अक्षय पुण्यफल की प्राप्ति होती है। शिव जी मात्र जल और बेलपत्र अर्पित करने से ही प्रसन्न हो जाते हैं। इस पर्व में लोग उपसना भी करते है, जिनकी मुराद भगवान शिवजी पूरी करते हैं।
जिले के मानिकपुर, बरगढ़, भरतकूप, सरैंया, राजापुर, पहाड़ी, शिवरामपुर, भौंरी, खोही,मऊ, चर, रामनगर व रैपुरा के मंदिरों में भी भक्तों ने भगवान शिव की पूजा की। शिवबारात निकाली गई। जिले के कई मंदिरों में रामायण पाठ का भी आयोजन हुआ।