चित्रकूट/खोही। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में 11 से 15 मार्च तक राष्ट्रीय रामायण मेला का 48वां समारोह होगा। मेले की तैयारियों और उद्घाटन में सीएम को बुलाने को लेकर मेला समिति के पदाधिकारियों ने रविवार को मेला परिसर में बैठक की।
रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया ने बताया कि यह मेला देश के विशिष्ट सांस्कृतिक समारोह के रूप में जाना जाता है। इसकी परिकल्पना महान समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया ने की थी। उनकी परिकल्पना को मूर्तरूप देते हुए वर्ष 1973 में समाजसेवी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के गोपाल कृष्ण करवरिया, आचार्य बाबूलाल गर्ग और गोपाल कृष्ण करवरिया ने प्रथम मेला आयोजित किया।
उन्होंने बताया कि अब तक मेले के समारोहों में प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री सहित कई प्रांतों के महापुरुष प्रतिभाग कर चुके हैं। बैठक में पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण गोपाल गुप्ता, पंकज अग्रवाल, जागेश्वर यादव, श्याम गुप्ता, लालू दुबे, संत मदन गोपाल दास व संत बद्री प्रपन्नाचार्य महाराज ने विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. करुणा शंकर द्विवेदी ने किया।
राजाबाबू पांडेय, शिवमंगल शास्त्री, मो. यूसुफ, सत्येंद्र पांडेय, आशीष पांडेय, मनोज गर्ग, राजेंद्र मोहन त्रिपाठी, कलीमुद्दीन बेग, जितेंद्र गोस्वामी, बृजेंद्र शुक्ला, शिव प्रकाश कुशवाहा, राममूरत सोनी, सुशील श्रीवास्तव व शैलेंद्र करवरिया मौजूद रहे।