तहसील मुख्यालय में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगी है। हालांकि लोगों का कहना है कि पानी का संकट छह माह से चल रहा है। तहसील दिवस में पानी संकट की शिकायत की गई थी। अफसरों ने 12 दिन में जलापूर्ति कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी भी जल संकट जस का तस है।
मुहल्ले वालों का कहना है कि तहसील दिवस में दिए गए प्रार्थनापत्र के बाद अधिशासी अभियंता जल संस्थान ने 12 दिन में जलापूर्ति दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था पर यह आश्वासन भी खोखला निकला। मुहल्लेवालों का कहना है कि अगर जल्द ही जलापूर्ति ठीक से न मिली तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे।
पूरे राजापुर में पानी की किल्लत है पर कुछ मुहल्लों में यह किल्लत विकराल हो गई है। इनमें धोबीगंज, क्योटरा, गयागंज, सोनरहटी, देविनटोला आदि कुछ ऊंचाई के मुहल्लों में पानी की किल्लत और ज्यादा है।
अशोक, पूर्व चेयरमैन चुन्नी देवी, समाजसेवी शिवपूजन गुप्ता, व्यापारी नेता सुभाषचंद्र अग्रवाल, सभासद अमरावती वर्मा, मुन्ना चौरसिया, जगदीश मोदनवाल, सुखदयाल साहू, सुनील पांडे ने बताया कि इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को बताया पर सिर्फ आश्वासन ही मिले।
मुहल्लेवालों का कहना है कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो वे लोग आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। इस संबंध में जेई केके शर्मा से बात नहीं हो सकी।
तुलसी स्मारक समिति के सहसचिव और समाजसेवी शिवपूजन गुप्ता ने जिलाधिकारी को भी इस संबंध में पत्र दिया है। उन्होंने बताया है कि कई मुहल्लों में पेयजल के लिए मारामारी है पर जल संस्थान के लोग लापरवाही कर रहे हैं।
इधर पंद्रह दिन से यह किल्लत और बढ़ी है। जिलाधिकारी से इस समस्या के प्रति गंभीर रुख अपनाने का अनुरोध किया है।