ढ़ाई लाख के इनामी बबुली कोल गैंग ने टिकरिया रेलवे स्टेशन पर जो दहशत फैलाई उसका असर दूसरे दिन भी आसपास के स्टेशनों व गांव में दिखाई दिया। वहीं गैंग की तोड़फोड़ में नष्ट हुई इलेक्ट्रानिक सामग्री मंगलवार को दुरुस्त कर रेल संचालन सुचारु किया गया। रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ के सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए है। इसके बाद भी आसपास के स्टेशनों पर भी यात्रियों में दहशत है।
मालूम हो कि रविवार की रात मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर स्थित टिकरिया स्टेशन पर डकैत बबुली कोल गैंग ने धावा बोला था। यात्रियों व रेल कर्मियों को पीटकर लूटपाट की थी। हवाई फायरिंग कर एएसएम की केविन में तोड़फोड़ और इलेक्ट्रानिक उपकरण क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिससे रेल यातायात ठप था। दूसरे दिन मंगलवार को टिकरिया समेत आसपास के मारकुंडी, बारामाफी, बांसा पहाड़ व ओहन में डकैतों की दहशत देखने को मिली। रेलकर्मी सतर्कता से आने जाने वालों पर नजर रखे रहे। सभी स्टेशन के सहायक स्टेशन मास्टर अपने केविन का दरवाजा अंदर से बंद किए रहे। किसी के आने पर केविन के अंदर से ही उससे बातचीत की।
किसी को भी अंदर नहीं आने दिया। कुछ ऐसा ही हाल यात्रियों के साथ आसपास के गांव के लोगों का भी था। सभी में दहशत देखी गई। खासकर टिकरिया स्टेशन पर सुबह तो इक्का दुक्का यात्री ही दिखाई पडे़, लेकिन शाम होते ही सन्नाटा पसर गया। स्टेशन के आसपास पुलिस की पहरेदारी रही। सतना आरपीएफ के प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने एएसएम से पूछताछ की। इसके बाद मौके का निरीक्षण किया। मानिकपुर जीआरपी थानाध्यक्ष जेपी सिंह ने बताया कि एक दारोगा, दो सिपाही व सतना आरपीएफ के तीन पुलिसकर्मी दिन रात स्टेशन पर ड्यूटी के लिए लगाए गए हैं। जिससे रेल कर्मियों ने राहत महसूस होगी। उधर पिटाई से घायल पिता पुत्र की हालत में सुधार है। एएसएम हजारी लाल ने बताया कि डकैतों ने जो उपकरण नष्ट किए थे। उन्हें सुधार लिया गया है। रेल यातायात पूरी तरह दुरुस्त है।