चित्रकूट। दृष्टिबाधितों के लिए समर्पित संस्था दृष्टि के बालिका विद्यालय का नया शैक्षणिक सत्र शनिवार को प्रसिद्ध दार्शनिक हेलन केलर की जयंती से शुरू हुआ। इस मौके पर हुए कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के संरक्षक केजी गुप्ता और समाजसेवी भालेंदु कुमार सिंह ने हेलन केलर के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। संस्था के महासचिव ने बताया कि दृष्टिबाधित बालिकाओं की उन्नति के लिए तत्पर यह विद्यालय इस समय 90 छात्राओं को शिक्षा मुहैया करा रहा है। इस मौके पर विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
महासचिव ने बताया कि संस्था यहां रहने वाली बालिकाओं को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, रोजगार, कंप्यूटर शिक्षा, मोबिलिटी प्रशिक्षण आदि का भी ज्ञान कराती है। यहां कोई भी दृष्टिबाधित छात्रा प्रवेश पाकर शिक्षण और प्रशिक्षण प्राप्त कर सकती है। संरक्षक केजी गुप्ता ने बताया कि हेलन केलर ने अपनी पुस्तक में द्रौपदी के वचनों का उल्लेख किया है कि जब सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं तभी नया दरवाजा खुलता है। ईश्वर पर उन्हें भी दृढ़ विश्वास था। इसी वजह से उन्होंने मूकबधिर और दृष्टिबाधित होते हुए भी 17 पुस्तकें लिखीं। कुंवर भालेंदु सिंह ने बताया कि हेलन केलर को 12 विश्वविद्यालयों ने डाक्टरेट की उपाधि दी थी। उन्होंने विभिन्न देशों में जाकर नि:शक्तजनों को प्रेरणा दी। इस मौके पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, विजय चंद्र गुप्ता, पंकज दुबे, अंजूषा, श्रद्धा, लक्ष्मी, विभा, बसंत, नरेंद्र शुक्ला आदि मौजूद रहे। संचालन महासचिव शंकरलाल गुप्ता ने किया। प्रधानाचाचार्या वर्षा गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।