चित्रकूट। जिले में खुली अस्थायी गोशालाओं में अव्यवस्थाओं के कारण आए दिन मवेशियों की मौतें हो रही हैं। टैग लगे व बिना टैग वाले पशुओं की भी मौतें हो रही हैं। कई प्रधानों को नोटिस देने के बाद भी सही तरीके से रखरखाव का कार्य नहीं किया जा रहा है। ऐसी हालत रही तो सर्दी में और भी मौतें हो सकती हैं।
किसान नेताओं का कहना कि मवेशियाें की मौतें अधिक होती है जबकि प्रशासनिक अधिकारी बताते कुछ और है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह पटेल, कर्वी तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह का कहना है कि अन्ना मवेशी की समस्या सुधर नहीं रही है। मवेशियों की मौतें हो रही है। जिले में दिसंबर के पहले सप्ताह में बारिश होने व ओले गिरने से 15 से अधिक मवेशियों की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने एक और गाय की मौत की पुष्टि की है। इसे लेकर जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने कई सचिवों को कार्रवाई करते हुए निलंबित भी किया है। इसके बाद भी व्यवस्था सुधरी नहीं है। वहीं कई ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने बैठक के दौरान धनराशि न देने को लेकर शिकायतें करते रहे हैं। जिले में बनाई जा रही स्थायी गोशालाओं का भी कार्य पूरा नहीं हो रहा है।