चित्रकूट। छठ पूजा का त्यौहार, सबके मन में उमंग, माता जनगण के हरो अब तो सभी विकार...के गीत गुनगुनाती महिलाएं छठ पूजन को लेकर उत्साहित हैं। धर्मनगरी में भी व्रतधारण करने वालों में उत्साह है। इसके लिए नदियों के घाट की सफाई कराई जा रही है। शनिवार को नहाय खाय के साथ यह पर्व शुरु होगा। महिलाओं ने बाजार में खूब खरीदारी भी की। घर की सफाई कर पकवान बनाने का सामान भी एकत्र किया है।
वैसे तो यह पर्व मूलरूप से बिहार प्रांत में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में भी कई परिवार इसे पूरी परंपरानुसार मनाते हैं। शहर की रंजना उपाध्याय बताती हैं कि यहां पर मुख्यरूप से दो दिन का यह पर्व मनाते हैं लेकिन यह पांच दिन का मूल पर्व है। शनिवार को नहाय खाय के साथ पर्व शुरु होगा। इसमें लौकी की सब्जी, पकवान व गुड की खीर बनाने के साथ ही सुबह सबसे पहले स्नान करते हैं। बिना नहाए कुछ भी नहीं खाते हैं। नहाने के बाद व्रत धारण करने वाले ही पूरा पकवान व पूजन सामग्री तैयार करते हैं।
चंदना मिश्रा बताती हैं कि षष्टी मइया सभी का करतीं बेडा पार, माता ही संतान को करतीं प्यार अपार की अवधारणा वाले इस पर्व का साल भर इंतजार रहता है। रविवार को खरना मनाया जाएगा। इसमें ठेकुआ, गुड़ की खीर, पेड़ा,रोटी व सब्जी व्रतधारण करने वाले खाकर पूजन करते हैं। इसके अगले दिन सूर्यास्त होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सभी नदी में जाते हैं इसके अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार व बच्चोंं के स्वस्थ और दीर्घायु रहने की छठ मइया से प्रार्थना करते हैं।
दउरा की मांग ज्यादा
चित्रकूट। छठ पर्व को लेकर महिलाएं बाजार में ताजे फल, सब्जी, ड्राई फ्रूट व नए कपड़ों की खरीदारी कर रही हैं। सबसे ज्यादा दउरा की मांग है। तिकोना सूपनामा डलिया को छठ पूजन करने वाले कोसिया या दउरा बोलते हैं। बांस की बनी इस टोकरी नुमा दउरा में ही पूजन की सारी सामग्री रखकर नदी में व्रतधारण करने वाली महिलाएं सूर्य अर्घ्य देने की तैयारी कर रही हैं। बाजार में इस दउरा की कीमत 100 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की है। (संवाद)
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नदी के घाटों की कराई सफाई
नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि छठ पर्व को लेकर पुरानी बाजार मंदाकिनी नदी के घाटों में सफाई कराई गई है। इस मार्ग की सफाई के साथ रात में प्रकाश की व्यवस्था के भी निर्देश हैं। पुल घाट के अलावा रामघाट व गोयनका घाट पर छठ मइया की पूजा के लिए महिलाएं एकत्र होती हैं। (संवाद)
12 सीकेटीपी-1- परिचय- मंदाकिनी नदी किनारे छठ पूजा के लिए पूजन सामग्री के साथ तैयार रखी दउरा कुस