कचहरी सभागार में बैठक में बोलते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
सपा सदर विधायक वीर सिंह और विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी आशीष कुमार के बीच हुए विवाद के मामले में विद्युत विभाग के अधिकारी- कर्मचारी हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। लेकिन वकीलों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। न्यायिक कार्य से विरत रहकर वकीलों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जुलूस निकाला और आरोपी एसडीओ- लिपिक को जेल भेजने की मांग की। कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो कड़ा आंदोलन किया जाएगा
दो दिसंबर से इस मामले को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का कार्य बहिष्कार जारी था। विद्युत कर्मी आरोपी सदर विधायक व अन्य की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसे लेकर शहर के पटेल तिराहे में धरने पर बैठे बिजली कर्मचारी संघ के प्रांतीय मंत्री रामलाल पाल ने कर्र्मचारियों को बताया कि इस मामले में एक आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। अन्य के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है। इससे यह हड़ताल स्थगित कर दी गई है।
इसके बाद कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया गया। वहीं अधिशाषी अभियंता कार्यालय में अभियंता संघ की बैठक हुई। जिसमें कार्य बहिष्कार खत्म करने का निर्णय लिया गया। कचहरी परिसर में जिला बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ता अशोक गुप्ता के खिलाफ लिखाई गई रिपोर्ट पर वकीलों ने नाराजगी जताई।
जिसमें इस मामले में पुलिस अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन अपर एसपी अशोक कुमार को दिया गया। संघ के अध्यक्ष सुरेश तिवारी ने कहा कि 48 घंटे के भीतर पुलिस प्रशासन विद्युत विभाग के एसडीओ को जेल भेजने की कार्रवाई नहीं करता तो प्रत्येक तहसील में आंदोलन किया जाएगा।