बुधवार को जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में तहसील मानिकपुर के सभागार में तहसील दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें जिलाधिकारी ने अधिकारियों के काम की समीक्षा भी की। जिसमें लोहिया ग्रामों का चयन पूरा न होने पर परियोजना निदेशक (पीडी) और सड़क मानक अनुरूप न बनने पर प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिशाषी अभियंता का वेतन रोकने के निर्देश दिए।वहीं तहसील दिवस में कुल 106 शिकायती प्रार्थना पत्र मिले। जिसमें 11 प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया।
कोहरे व ठंड के बीच बुधवार को जिले में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। मऊ, राजापुर व सदर तहसील में तो फरियादियों की संख्या बेहद कम रही। जबकि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मानिकपुर तहसील में सैकड़ों फरियादी पहुंचे। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्व लंबित प्रार्थना-पत्रों की वजह से जनपद छठवें स्थान पर आया है जिसे पहले नंबर में लाने के लिए लोग तहसील दिवस, जन सुनवाई, मुख्यमंत्री, भारत सरकार, राजस्व परिषद आदि पत्रों को दी गयी सूची से नोट कर लें और विशेष रूचि लेकर पारदर्शिता, गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के अंतर्गत निस्तारण करें। ताकि जिला प्रथम नंबर में आ सके।
उन्होंने जल निगम के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिये कि उनके द्वारा जो हैंडपंप की सूची चयनित की गई के अनुसार वहीं पर हैंडपंप स्थापित किये जाये। ग्राम पंचायत, अमचुर नेरूआ के ग्रामवासियों ने शिकायत की है कि वहां बोरिंग हो गई है लेकिन अभी तक मशीन नहीं लगायी है। जिसे तत्काल लगाने के निर्देश संबंधित अफसर को दिये।
इसके बाद जिलाधिकारी ने विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें वर्ष 2016-17 में चयनित 22 समग्र ग्रामों में 605 लोहिया ग्रामों का चयन अभी तक न होने पर परियोजना निदेशक ज्ञानेद्र त्रिवेदी के वेतन रोकने के निर्देश दिये।
इसके अलावा निही चिरैया वाली रोड मानक के अनुरूप सड़क न बनने की शिकायत पर अधिशाषी अभियंता प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पुष्पेन्द्र कुमार के वेतन रोकने के निर्देश दिये। तहसील दिवस में पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, उपकृषि निदेशक समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।