चित्रकूट। बिजली कटौती से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र कई दिनों से प्रभावित है। सपा, कांग्रेस से लेकर ग्रामीणों ने बिजली कटौता को लेकर धरना-प्रदर्शन भी कर चुकी। इसके बाद भी बिजली कटौती का समय बढ़ता ही जा रही है। दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। तीर्थक्षेत्र के होटल मालिकों ने बताया कि तीन करोड़ रुपया महीना बिल देते हैं लेकिन पूरी बिजली नहीं मिलती। ऐसी व्यवस्था से क्या फायदा दिखावटी मीटर का किराया वसूल रहे हैं।
जिले के शहर से लेकर परिक्रमा मार्ग, बिहारा, खोही, मऊ, मानिकपुर, शिवरामपुर, भरतकूप व पहाड़ी में बिजली समस्या सबसे विकराल है। इसके अलावा शहर में 15 व ग्रामीण इलाकों में 10 घंटे की बिजली मिल रही है। सरकार के 24 घंटे आपूर्ति देने की बात महज कागजी ही साबित है। तीन दिन से बिहारा गांव सहित खोही, धर्मनगरी चित्रकूट की आपूर्ति बंद हो गई।
रामनगर के ग्रामीण राकेश सिंह, सुनील तिवारी ने बताया कि बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीण आंदोलन भी कर रहे है। इसके बाद भी बिजली की आपूर्ति सुधरी नहीं है। समाजवादी पार्टी के सदर विधायक अनिल प्रधान के कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय के सामने धरना दिया था। इसी तरह से कांग्रेस पार्टी ने भी तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद भी बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हो रहा है।अधिकारी भी टाल मटोल बातें करते हैं।
होटल व्यवसाय हो रहा प्रभावित
चित्रकूट। धर्मनगरी में प्रतिदिन बाहरी तीर्थ यात्रियों की भीड़ रहती है। होटल लॉज संचालित करने वाले बिजली की कटौती से प्रभावित हो रहे हैं। होटल मालिक अरुण गुप्ता ने बताया कि सावन भादों माह में ज्यादा श्रद्धालु चित्रकूट तीर्थ स्थान में अधिक आते है। बिजली की आपूर्ति नहीं होने से होटलों में ठहरने से मना कर देते है। जनरेटर से पूरा खर्च नहीं निकलता है। बिजली का बिल भी होटल मालिक देते हैं इसके बाद भी उन्हें सुविधा नहीं मिल रही है। इससे पूरा व्यापार प्रभावित है।
30 गांवों की आपूर्ति ठपमानिकपुर । रविवार की शाम को तेज हवा के साथ बारिश से रानीपुर गांव में दो बिजली के खंभे गिर गए। तार टूटे पड़े हैं। अन्य स्थानों में बिजली के खंभे गिर गए हैं। इसके चलते बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। इससे मानिकपुर क्षेत्र के रानीपुर, गिदुरहा, ऊचाडीह, रामपुर, निहि, रामपुर तरौंहा, इटवा डुडैला, मदना, नगार, टिकरिया जमुनिहाई, करौहा समेत 30 गांवों की बिजली की आपूर्ति बंद है।
मऊ प्रतिनिधि के अनुसार-कस्बे में लगा बिजली का ट्रॉसफार्मर खराब हो गया। इससे कई मोहल्ले में बिजली की आपूर्ति बंद है। मऊ कस्बा निवासी प्रिंस, सुरेश प्रसाद बताया कि मऊ कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रा में बिजली की कटौती से यहां के निवासी परेशान हैं। यदि कोई उपकरण खराब हो जाता है उसको जल्द सही नहीं किया जाता।
कोट दो दिन पहले आंधी आने से बिजली के 35 खंभे गिर गए। इससे कुछ गांवों मेेंं बिजली की आपूर्ति बंद रही। जिसको सही कर लिया गया। बताया कि पहाड़ी कस्बे के पावर हाउस में अधिक पावर का बिजली का ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। जिसमें अभी एक दो दिन लग लग सकते है। इससे सही होते ही बिजली की आपूर्ति सही हो जाएगी।
आर के यादव, एसई