चित्रकूट। जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में शनिवार को प्रसव के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में मौत हो गई। जानकारी होते ही परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे। आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टॉफ 18 घंटे से लापरवाही कर रहे थे। कई बार आपत्ति की लेकिन कोई सुनवाई नहीं की।
सदर तहसील के रेहुंटा गांव के बच्चा वाल्मिीकि ने बताया कि पत्नी आरती (30) को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन व आशा कार्यकर्ता जिला अस्पताल लाए। शाम लगभग चार बजे उसे भर्ती किया गया। इसके बाद रात लगभग नौ बजे बच्ची का जन्म हुआ। कुछ देर बाद आरती ने पेट दर्द और रक्तस्राव की समस्या बताई। उसने डॉक्टर व ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ से कई बार इलाज के लिए कहा, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। कहा कि यह सब बच्चा होने के बाद होता है। देर रात तकलीफ बढ़ने पर पेट साफ करने की बात कही गई। इसके बाद शनिवार की सुबह फिर वही हालत होने पर भी समय से इलाज नहीं किया गया।
आरोप लगाया कि हर बार पेट की सफाई करने की बात कहकर टरकाया गया। दोपहर को आरती की मौत हो गई। जानकारी होते ही पति समेत अन्य परिजन हंगामा करने लगे। डॉक्टर व स्टॉफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। जानकारी होते ही अस्पताल में मौजूद सुरक्षाकर्मी पहुंचे। इसके बाद चौकी पुलिस भी पहुंची। परिजनों को समझाकर उन्हें वार्ड से बाहर लाई। पति ने बताया कि डॉक्टर व स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही बरतने की तहरीर दी है। नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। डयूटी पर मौजूद डॉक्टर व स्टॉफ से पूरे इलाज व अन्य व्यवस्था की जानकारी मांगी गई है।