विश्व जनसंख्या दिवस पर शनिवार को जन शिक्षण संस्थान चित्रकूट ने बढ़ती हुई जनसंख्या एवं समाज पर प्रभाव विषय पर भरकोर्रा गांव में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि से शिक्षा और रोजगार पर विपरीत प्रभाव पड़ते हैं। जागरूकता से ही जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
संस्थान के निदेशक डा. रामलखन सिंह सिकरवार ने संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार परक प्रशिक्षण के विषय में जानकारी दी। जनसंख्या वृद्धि से समाज पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चीन ने जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण कर लिया है लेकिन भारत में अभी इस पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसमें सरकार से ज्यादा लोगों का जागरूक होना जरूरी है।
मुख्य वक्ता परियोजना समन्वयक राजेंद्र सिंह ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण आवश्यक वस्तुओं को जन-जन तक पहुंचाना कठिन हो रहा है। कृषि योग्य भूमि की उपलब्धता और खाद्य उत्पादन दर में गिरावट आती जा रही है। वनों की कटान कर आवास एवं उद्योग धंधे स्थापित किए जा रहे हैं। जिसके चलते पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। भारत में बढ़ी जनसंख्या के कारण ही कुपोषण की समस्या है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में चंद्रिका प्रसाद ने कहा कि सभी लोग जनसंख्या नियंत्रण के विषय में विचार कर स्वयं पर इसे लागू करें तभी कार्यक्रम का उद्देश्य सफल होगा। कार्यक्रम का संचालन अनिल सिंह तथा आभार प्रदर्शन मनोज त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम में समाज शिल्पी विवेक मिश्रा समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।