जिले में सड़कों की हालत बदतर है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों को या
तो चिंता नहीं है अथवा बजट का रोना रोते हैं। कुछ सड़कें तो ऐसी हैं,
जिनमें रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है पर हालत दयनीय है।
राजापुर
से कर्वी रोड तो जिम्मेदारों की जिम्मेदारी की एक मिसाल है, जिसकी सुनवाई
तब हुई जब इसकी बदहाली की खबर जिले के प्रभारी मंत्री शिवपाल यादव के कानों
तक पहुंची। पिछले दिनों आए प्रभारी मंत्री ने पीडब्लूडी को इस सड़क को
जल्द से जल्द दुरुस्त कराने को कहा है।
कर्वी-राजापुर रोड से नियमित लगभग
तीन सौ चौपहिया वाहनों की आवाजाही रहती है। इस रूट पर रोडवेज बसों के न
चलने की वजह से निजी वाहनों पर ही परिवहन का सारा दारोमदार है। वाहन
मालिकों का कहना है कि जितनी उनकी आमदनी नहीं है, उससे ज्यादा मेंटीनेंस
में खर्च आ जाता है।
चित्रकूट तीर्थक्षेत्र आने वालों के लिए यह रास्ता
मुफीद और अमावस्या में इससे आवाजाही बहुत होती है। इसके बाद भी इस रास्ते
को लेकर शासन और प्रशासन की उपेक्षा लगातार जारी रही। हालांकि यह संतोष की
बात है कि पिछले दिनों आए जिले के प्रभारी मंत्री शिवपाल यादव ने इसे
गंभीरता से लेते हुए पीडब्लूडी को इसके लिए बजट आवंटित भी किया है, जिससे
इस मार्ग के अब दुरुस्त होने की संभावनाएं बलवती हुई हैं।
मऊ प्रतिनिधि के
अनुसार, इसी तरह मऊ से नीबी लबेद रोड का लगभग 15 किमी का रास्ता बदहाली में
है। मऊ से एक किमी तक तो बहुत ज्यादा खराब हालत है। इस रास्ते से मऊ,
खपटिहा, रतौरा, औंझर, रामू का पुरवा, नीबी, लबेद, लक्ष्मीपुर, अहिरनपुरवा,
खंडेहा, मोहनपुर, पतिनिहा आदि के दस हजार ग्रामीणों का रोजाना आवागमन होता
है।
इसके अलावा यहां से स्कूली बच्चों को भी निकलना पड़ता है। उधर, इस
संबंध में बाद करने के लिए पीडब्लूडी के जेई चरण सिंह के मोबाइल पर लगातार
रिंग की गई पर यह नहीं उठा।