चित्रकूट। जिले में तालाबों की खुदाई व उसमें पानी भराने से पर्यावरण संतुलन में काफी मदद मिल सकती है। इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को बुंदेलखंड के चित्रकूट मंडल में 4,480 तालाब बनाने के लिए अनुदान राशि देगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी एवं सूखे से पीड़ित बुंदेलखंड में भूमिगत जल स्तर में सुधार तो होगा और साथ ही वर्षा जल संरक्षण के लिए भी यह तालाब वैश्विक पर्यावरणीय समस्या जलवायु परिवर्तन को कम करने में भी सहायक होंगे।
पर्यावरणविद गुंजन मिश्रा के अनुसार भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के द्वारा जारी किये गए कम कार्बन जीवन शैली के दस्तावेज के अनुसार अगर 40,000 लीटर वर्षा जल को संरक्षित किया जाए, तो 27 किलोग्राम कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है, यदि इतना ही भूमिगत जल बोरवेल के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा।
पर्यावरणविद के द्वारा की गयी गणना के अनुसार जिस आयतन क्षमता के लघु व माध्यम तालाब राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित किये गए है। इससे लगभग 73 लाख 44 हजार 800 किलोग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है। अगर इसको एक पेड़ द्वारा जितनी कार्बन-डाई-ऑक्साइड अवशोषित की जाती है, उस हिसाब से गणना की जाय तो इतनी मात्रा में कार्बन-डाई-ऑक्साइड अवशोषित करने के लिए लगभग 5 लाख 40 हजार पेड़ो की जरूरत पड़ेगी, यानी 4,480 तालाब लाखों पेड़ो की भूमिका की तरह कार्य करेंगे