अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। कुख्यात पांच लाख तीस हजार का इनामी डाकू सरगना एक बार फिर पुलिस मुठभेड़ में बाल-बाल बच गया। अबकी बार सटीक मुखबिरी से गांव को घेरकर पुलिस आगे बढ़ी तो दोनों ओर से फायरिंग होने लगी। मारे जाने के भय से डाकू गैंग ने ग्रामीणों को उकसाकर पुलिस पर पथराव करा दिया। जिससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा और गैंग भागने में सफल रहा। इस दौरान तीन पुलिस कर्मी घायल भी हुए। पुलिस का दावा है कि पूरा गैंग प्रधान के घर ही भोजन करने आया था।
जानकारी के अनुसार मंगलवार की देर रात को मानिकपुर थानाक्षेत्र के नागर गांव में कुख्यात डाकू बबुली कोल गैंग की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह, अपर एसपी बलवंत चौधरी ने कई थाने की पुलिस टीमों व सीओ को बुलाकर मानिकपुर में रणनीति बनाई। इसके बाद तीन टीमें बनाकर नागर गांव पहुंचे। धीरेधीरे पुलिस टीम ने नागर गांव में घुसकर घेराबंदी शुुरू की और प्रधान चुन्नीदेवी के पति बड़कू कोल को पकड़ा। उसके घर में डकैतों की मौजूदगी की जानकारी मांगने लगे इसी बीच डकैतों को इसकी भनक लगी और डाकू बबुली ने पुलिस पर फायर झोंक दिया।
दोनों ओर से फायरिंग होने लगी तो पूरे गांव में दहशत फैल गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अचानक प्रधान व आसपास के घरों की महिलाएं कुछ पुरुषों के साथ बाहर निकलीं और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव होने व ग्रामीणों की मौजूदगी पर पुलिस टीम पीछे हटी जिसमें सीओ मऊ का गनर पंकज कुमार, चालक देवेंद्र राजपूत और सीओ भानुप्रकाश को चोंट भी लगी। उधर ग्रामीणों की आड़ लेकर डाकू गैंग जंगल की ओर फायरिंग करता हुआ भाग निकला। पुलिस टीम ने काफी दूर तक गैंग का पीछा किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीओ समेत तीनों घायल पुलिस कर्मियों का मेडिकल कराया गया है। डाकू गैंग को संरक्षण देने के आरोप में प्रधानपति बड़कू कोल को जेल भेजा गया। इसके अलावा तीन अन्य ग्रामीणों को पूछतांछ के लिए पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने पथराव किया तो डाकुओं को भागने में मदद मिली और एक बार फिर बबुलीकोल बच निकला। इस मामले में डाकु बबुली कोल गैंग के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।