चित्रकूट। सदर कोतवाली क्षेत्र के बनवारीपुर रोड निवासी भगवानदीन को कोतवाली पुलिस टीम ने कौशांबी जिले के मंझनपुर से ढूंढ निकाला है। पुलिस ने उसका मेडिकल चेकअप कराया है। इस मामले में स्पष्ट हो रहा है कि भूमि विवाद पर पड़ोसियों को फंसाने के लिए अपहरण का नाटक किया था। लगभग एक माह तक पुलिस कथित अपहृत की तलाश में कई जगह छापेमारी कर चुकी थी।
गौरतलब है कि बनवारीपुर रोड निवासी संगीता देवी ने एक जनवरी को कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि पड़ोसियों ने उसकी भूमि पर कब्जा कर पति भगवानदीन का अपहरण कर लिया था। तीन जनवरी को मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की। लगभग एक माह बाद चार फरवरी को पुलिस टीम ने भगवानदीन को ढूंढ निकाला है। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दरअसल भूमि विवाद पर भगवानदीन अपने परिजनों की मिलीभगत से ही गायब हुआ था और पड़ोसियों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विश्वनाथ गर्ग पर रिपोर्ट दर्ज
खोही गांव में शकरकंद बेचने के बाद रहस्मय ढंग से गायब रेरूआ गांव निवासी व्यापारी विश्वनाथ गर्ग को ढूंढ निकालने के बाद यह तो साफ हो गया कि अपहरण नहीं हुआ था। कोतवाली पुलिस ने इसके खिलाफ गलत सूचना देकर गुमराह करने की रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही की गई है। कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि व्यापारी का टयूबवेल का एक लाख 86 हजार रुपया बकाया है। रुपये ेन जमा करने के उद्देश्य से सबको भटकाने के लिए रुपये सहित खुद के गायब होने की साजिश रची थी।