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दो नये शिक्षकों के नाम बताने पर घूमी पुलिस की जांच

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चित्रकूट। अपहृत शिक्षक मामले में पुलिस की जांच दूसरे दिन भी किसी निष्क र्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस के अनुसार अपहरण के बाद बरामद शिक्षक हर दो घंटे बाद एक नई कहानी बताकर पूरे मामले को उलझा रहा है। जिससे पुलिस की जांच सही नतीजे पर रही है। शिक्षक का ब्लड प्रेशर लो होने के कारण उसे परिजनों को सौंपा गया है। पूछताछ में उसने दो नए नाम बताए हैं।
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बीते सोमवार को अपहृत उरई के शिक्षक धर्मेंद्र प्रभाकर को कोतवाली पुलिस ने रविवार को भरतकूप रेलवे स्टेशन के पास नाटकीय ढंग से बरामद किया था। रविवार को पूरे दिन पुलिस की पूछताछ में कुछ स्पष्ट नहीं हो सका कि उसके अपहरण का क्या मकसद था और अपहरण करने वाले कौन थे। सोमवार को पुलिस अधिकारी उससे लगातार पूछताछ करते रहे। दोपहर बाद उसका ब्लड प्रेशर कम होने से परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच अधिकारी सीओ रजनीश यादव व कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि शिक्षक हर दो घंटे में नई बात बताकर जांच को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सोमवार को उसने दो नये नाम बताए हैं। उनसे भी पूछताछ की गई है।इसके अलावा अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद नामजद आरोपियों से भी कई बार पूछताछ व उनके कॉल डिटेल खंगाले गए हैं। अबतक कोई ठोस कारण सामने नहीं आ रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सकुशल लौटे शिक्षक के शरीर में कहीं चोट के निशान नहीं हैं। कोई कपड़े गंदे या फटे भी नहंी हैं। खुुद उसने बताया कि उसके साथ कोई दुव्यर्वहार या मांग नहंी की गई। ऐसे में बार बार यही सवाल उठ रहा है कि आखिर उसका अपहरण किसने और क्यों किया है। जनचर्चा है कि शिक्षक का जिस शिक्षिका से प्रेम संबंध थे। उसकी शादी 22 नवंबर को थी। तिलक 19 नवंबर को था। ऐसे में शिक्षक अचानक 18 नवंबर को गायब होता है और फिर 24 नवंबर की सुबह चार बजे सकुशल लौट आता है। इस बीच प्रेमिका की जहां शादी तय होती है वह टूट जाती है। माना जा रहा है कि यह पूरा मामला इसी के इर्द गिर्द घूम रहा है। पुलिस की भी पूरी जांच इसी पर केंद्रित है।
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