पहाड़ी (चित्रकूट)। गढ़ीघाट गांव के रइयापुरवा में कच्ची शराब बनने की शिकायत पर शुक्रवार की दोपहर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक हुए हमले में थाना प्रभारी और सात सिपाही घायल हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम, एएसपी समेत तीन थाने की फोेर्स गांव पहुंची। भारी पुलिस बल को देखते ही आरोपी और अन्य ग्रामीण बागे नदी पार कर भाग गए। पुलिसकर्मियों ने सात ग्रामीणों को दबोच लिया। सुरक्षा के तौर पर पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है। मामले में छह नामजद व दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में किसी ने शिकायत की कि पहाड़ी थानाक्षेत्र के गढ़ीघाट के रइयापुरवा में अवैध शराब बनाई और बिक्री की जा रही है। पुलिस टीम के साथ पहाड़ी थानाध्यक्ष सुशील चंद्र ने वहां छापा मारा। लहन नष्ट करने के दौरान वहां मौजूद लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
इस बीच कई हमलावर बागे नदी पार कर बांदा जिले में सिंहपुर गांव पहुंच गए। सूचना मिलते ही एसडीएम एके पांडेय, राजापुर एसडीएम राहुल विश्वकर्मा, एएसपी बलवंत चौधरी, सीओ रजनीश यादव, इम्त्यिाज अहमद समेत विभिन्न थानों की भारी पुलिस पहुंच गई। पथराव से थानाध्यक्ष सुशील चंद्र शर्मा के साथ सिपाही लवकुश यादव, रामअजोर सरोज, मधुसूदन पाठक, आशीष कुमार, बसहर खान और दो महिला सिपाही शिल्पा व सरिता घायल हो गईं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को सीएचसी पहाड़ी में इलाज किया गया।
एएसपी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री बंद होने से ये सब लोग कच्ची शराब बनाकर धंधा कर रहे थे। मौके से सात लोगों को पकड़ा गया है जिनसे पूछताछ जारी है। मुख्य आरोपी मुख्य आरोपी फूलचंद्र फरार है। उसके घर के पास कच्ची शराब बनाने के भारी मात्रा में उपकरण, एक क्विंटल लहन व बीस लीटर शराब बरामद की है। पहाड़ी थाना प्रभारी सुशील चंद्र शर्मा ने बताया कि इस मामले में रइयापुरवा निवासी फूलचंद्र, रामदास, अवधेश, महेश पुत्र बुत्ता, गिरजा पुत्र रामबहोरी व रज्जन पुत्र गिरजा समेत दस अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चित्रकूट। रइयापुरवा में केवट समुदाय की लगभग 40 घरों की बस्ती है। इसमें से कुछ लोग कच्ची शराब बनाने का काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान शराब बनाने व बिक्री की जानकारी मिलने पर जब पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने निर्दोष ग्रामीणों को मोहरा बनाया। आधे घंटे तक पूरी बस्ती में पथराव की वजह से खौफनाक मंजर दिखा। ग्रामीणों व पुलिस टीम दोनों की ओर से गाली गलौज भी चलती रही। कई महिलाओं ने भी पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इससे बचने के लिए पुलिस वालों ने गुमटी व पेड़ों आदि का सहारा लिया और जवाबी कार्रवाई कर हमलावरों को खदेड़ दिया। इस बीच मौका पाकर मुख्य आरोपी पूरी नदी पार कर भाग गया।
पहाड़ी। रइयापुरवा कच्ची शराब बनाने के मामले में कई साल से जाना जाता है। सन 2002 में भी जब पुलिस टीम ने छापा डाला था तो स्थानीय कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। कई पुलिसकर्मी व ग्रामीण भी घायल हुए थे। इसकी रिपोर्ट पहाडी थाने में दर्ज कराई गई थी।