चित्रकूट/बरगढ़। प्राइवेट अस्पताल की नर्स के साथ सामूहिक दुष्कर्म में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। हालांकि पुलिस मुख्य आरोपी की पहचान का दावा कर रही है, लेकिन उसे अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। उधर, पीड़िता के परिजनों का दावा है कि दो युवक शनिवार की शाम घर आए और रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी।
बरगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में रेलवे लाइन के पास नर्स से सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच करने प्रयागराज जोन के आई प्रेम गौतम पहुंचे। पीड़िता के परिजनों से मिले और कहा कि जल्द ही आरोपी जेल में होंगे। जांच टीम ने दावा किया कि एक आरोपी की लगभग पहचान हो चुकी है। सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि करना बाकी है।
शनिवार की सुबह प्राइवेट अस्पताल की नर्स को चार युवकों ने अस्पताल जाते समय पकड़ा लिया था। पिटाई कर उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर गैंगरेप किया। इसके बाद हाथ बांधकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। रविवार को जांच करने आए आईजी प्रेम गौतम ने कहा कि घटना वीभत्स है। उन्होंने सर्विलास, एसओजी, थाना पुलिस टीम के अधिकारियों से अब तक जांच की रिपोर्ट मांगी। इसमें युवती का पहला बयान भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी युवती को जानता है। वह आसपास का ही है। चार आरोपियों में दो के पास मोबाइल होने की जानकारी मिली है। एसपी अरुण मार सिंह, अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ , बरगढ़ थाना प्रभारी राकेश मौर्य भी आईजी के साथ रहे।
उधर, पीड़िता के परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात को उनकी छत पर दो अज्ञात युवक आए थे। वे रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए कह रहे थे। रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में अपर एसपी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल परिजनों ने ऐसी शिकायत पुलिस से नहीं की है।