चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय व पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल के साथ गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में हिंदू धर्म गुरुओं, संत, महात्माओं की बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में न आने दिया जाए। पितृपक्ष व मलमास माह की अमावस्या पर लोग घरों में ही रहकर जलतर्पण व पूजन करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभी शासन ने 21 सितंबर तक भीड़ होने की अनुमति नहीं दी है। इसको देखते हुए पहले की तरह धर्मनगरी में अमावस्या पर भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि भगवान कामदनाथ की पूजा व पितृ विसर्जन भी घरों में ही करें।
हिदायत दी कि अगर कोई श्रद्धालु आ जाता है तो उसके साथ अभद्रता नहीं करेंगे। उन्होंने संत महात्माओं से कहा कि श्रद्धालुओं को अपील जारी करें। ताकि अमावस्या मेला में लोग न आएं।
पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने कहा कि प्रतिदिन कोरोना केस बढ़ रहे हैं। इसलिए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पुलिस विभाग पूरी सुरक्षा के साथ मेला क्षेत्र मेें मुस्तैद रहेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक प्रकाश स्वरूप पांडेय, उप जिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी संजय कुमार पांडेय सहित संत महात्मा मौजूद रहे।
संतों की अपील
चित्रकूट। कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास ने कहा कि मठ मंदिरों में जो संत महात्माओं का आर्थिक आधार एकमात्र अमावस्या है। जिससे वह अपने संत परिवार का भरण पोषण करते हैं। उसमें कुछ समस्याएं हैं, लेकिन महामारी को देखते हुए अभी भीड़ एकत्रित न की जाए। इसलिए सभी श्रद्धालु घरों से ही भगवान कामतानाथ के दर्शन व पूजा अर्चना करें। दिगंबर अखाड़ा भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि चित्रकूट में भगवान की ऐसी महिमा रही है कि अनेक समस्याओं का निदान किया है।