चित्रकूट। मंदाकिनी में उफान के दौरान रामघाट से नयागांव-हनुमान धारा जाने वाला पुल बह गया था।
महीनों के इंतजार के बाद अब भैरों घाट पर पीपा पुल बनाया जा रहा है, लेकिन पहले लोग जिस पुल से सीधे हनुमान धारा व नयागांव जाते थे, उसका नया विकल्प स्थायी पुल की जगह से करीब दो किमी दूर तंग गली के अंदर तैयार हो रहा है।
ऐसे में पुल बनने के बाद भी राहत के बजाय लोगों को रास्ता तलाशना पड़ेगा और गलियों के चक्कर काटने होंगे। स्थानीय निवासी जयदेव सिंह, सतीश कुशवाहा व जगत नारायण ने बताया कि पुराने पुल की जगह पर ही नया पुल बनना चाहिए था, जिससे पहले की तरह सीधे आवागमन की सुविधा मिलती।
दूसरी जगह पुल बनने से अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी और गलियों से होकर गुजरना होगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में संकरा रास्ता जाम और परेशानी का कारण बन सकता है। आवागमन की व्यवस्था ऐसी हो, जिससे श्रद्धालुओं और राहगीरों को अतिरिक्त दूरी तय न करनी पड़े और संकरी गलियों में जाम की स्थिति भी न बने।
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राजस्व विभाग ने किया जगह का चिह्नांकन
नदी में पुल बनाने के लिए आने-जाने की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग ने जगह का चिह्नांकन किया है। इसमें यह देखा गया कि किस स्थान से लोगों का आवागमन सुविधाजनक रहेगा। अब एमपी पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पीपा पुल तैयार किया जा रहा है। मेले से पहले पुल को चालू करने की योजना है।
- अंकित सोनी, मुख्य अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, एमपी।
25 सीकेटीपी-15- भैरोघाट में बन रहा पीपा पुल। संवाद