विश्वकल्याण के लिए चारों कुंभ की लेटी परिक्रमा लगा रहे चमनदास उर्फ
हठयोगी बाबा की यात्रा मुख्यालय पहुंची। दो दिन विश्राम के बाद यात्रा
महाकाल मंदिर उज्जैन की ओर रवाना होगी।
संगम नगरी इलाहाबाद से 21
अक्टूबर को तीन सहयोगी व एक थ्री व्हीलर से रवाना यात्रा गुरुवार की सुबह
मुख्यालय पहुंची। हठयोगी बाबा निवासी देवरा राजगढ़ मध्य प्रदेश ने बताया कि
उनका उद्देश्य जग कल्याण व विश्व बंधुत्व को बढ़ावा देना है।
एक दिन में
लगभग 20 किमी की लेटी परिक्रमा करने के बाद यह यात्रा का एक पड़ाव होता है।
इस लेटी परिक्रमा की खासियत यह है कि वह पूरे शरीर को जमीन पर गोलाकार
अवस्था में चलाते हैं।
इसी अवस्था में वह कुंभ के लिए इलाहाबाद और
चित्रकूट तक आ गए। अब यात्रा उज्जैन व नासिक की ओर रवाना होगी। उज्जैन में
महाकाल मंदिर में दो दिन का विश्राम होगा। उनके साथ बालक दास, रमेश मौर्य व
सुरेश जाटव हैं। जो उनकी नियमित सहायता करते हैं।