एसपी को सम्मानित करते शिक्षाविद।
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चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय एवं अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला शुरू हुई। विश्वविद्यालय के सभागार में मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि दर्शन सभी के लिए उत्तम जीवन मूल्यों का निर्माण करता है।
उन्होंने कहा कि जो दर्शनशास्त्र के विद्यार्थी नहीं हैं, उनका भी स्वयं में एक दर्शन है। निश्चित रूप से दर्शन सभी व्यक्तियों का मार्ग प्रशस्त करता है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव मधुरेंद्र कुमार पर्वत ने कहा कि मध्यम मार्ग जो बौद्ध दर्शन में प्रतिष्ठित किया गया है,यह वर्तमान समय में भी प्रासंगिक है। विशिष्ट वक्ता अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि बौद्ध दर्शन के द्वारा दिए गए जीवन के आदर्श के द्वारा हम वर्तमान जीवन के साथ-साथ अन्य लोगों का भी मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
कार्यशाला संयोजक दर्शन विभाग के अध्यक्ष डाॅ. हरिकांत मिश्रा ने कार्यशाला के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। संचालन संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ. गोपाल कुमार मिश्र ने किया। कार्यशाला में कुलाधिपति के निजी सचिव रमापति मिश्र, डॉ. सुनीता श्रीवास्तव, डाॅ. दुर्गेश कुमार मिश्र, डॉ. महेंद्र कुमार उपाध्याय भी मौजूद रहे। कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. आनंद कुमार ने आभार व्यक्त किया।