फोटो- 1- रोजगार के लिए सूरत जाने को बस स्टैंड पर मौजूद एक परिवार के सदस्य
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चित्रकूट। घर का खर्च न चल पाने और कंपनियों द्वारा बुलाने पर मजदूर दूर शहर जाने लगे हैं। कई ने बताया कि उक्त शहर में काफी मजदूरी बकाया है। किराए के कमरे लिए हैं, जिन्हें खाली नहीं किया है। वहां कंपनी से फोन आए हैं कि अब काम पर लौट सकते हैं।
कोरोना काल शुरू होने पर बड़ी संख्या में मजदूर अपने गांव वापस लौट आए थे। जिसमेें कई ऐसे मजदूर थे जो अपने परिवार के साथ कई साल से शहरों में निवास करते थे। लौट आए थे। जो कंपनी मालिक के बुलावा पर वापस जाने के लिए चले गए। जिसके लिए कंपनी से बसें भी भेजी जा रही हैं। वहीं एक प्राइवेट बस भी सीधे जिले से दिल्ली के लिए चलने लगी है। जिसमेें अधिकतर मजदूर वर्ग ही यात्रा कर रहा है। प्रवासी मजदूर भरतकूप क्षेत्र के मानपुर गांव के राजेश सिंह, सुरेश कुमार ने बताया कि वह दिल्ली में 12 साल से एक साड़ी बनाने वाली कंपनी में काम करता था। इसके लिए दिल्ली में किराए का कमरा भी लिए था। कोरोना काल में वापस आने के बाद भी उसको छोड़ा नहीं था। मालिक मोहित राज के बुलाने पर वापस जा रहे हैं। बहिलपुरवा गांव के कमलेश कोल, मोहन कोल ने बताया कि हरियाणा में लोहे के कलपुर्जे बनाने वाली कंपनी में काम करने के लिए बुलावा आया है। मालिक ने किराया भी खाते में भेजा है। जिससे वह वापस जा रहे हैं।