चित्रकूट। चर्चित कोषागार घोटाले में नामजद पेंशनर घनश्याम दत्त मिश्रा की अग्रिम जमानत अर्जी सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज की। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत का आधार नहीं माना।
जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि घोटाले में नामजद पेंशनर घनश्याम दत्त मिश्रा ने बिचौलियों व कोषागार कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने एसबीआई खाते में 1,70,679 रुपये की अनियमित धनराशि प्राप्त की। यह राशि पेंशनरों के खातों में अनियमित भुगतान की जांच रिपोर्ट में दर्ज है। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मिश्रा ने धनराशि स्वयं नहीं निकाली और गबन का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। इसलिए जमानत का लाभ दिया जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने कहा कि अग्रिम जमानत का उद्देश्य आरोपित को संरक्षण देना नहीं, बल्कि विशेष परिस्थितियों में राहत देना है। मामले की प्रकृति और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पेंशनर घनश्याम दत्त मिश्रा की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। संवाद