मंदाकिनी में डुबकी लगाने को रामघाट किनारे मौजूद श्रद्धालु।
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सर्द हवा व कोहरे के बीच पौष माह की अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने धर्मनगरी की मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर परिक्रमा की। तीर्थ क्षेत्र में अलाव के सहारे तमाम श्रद्धालुओं ने परिक्रमा पूरी की। मेला की व्यवस्था के लिए तैनात मजिस्ट्रेट व पुलिस बल मौजूद दिखा।
सुबह कोहरे के बीच मंदाकिनी नदी में स्नान कर मतजगेंद्र नाथ में जलाभिषेक किया। इसके बाद भगवान कामतानाथ के दर्शन कर कामदगिरी की परिक्रमा लगाई। इसके बाद तीर्थ क्षेत्र में पड़ने वाले स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, सतीअनुसइया आश्रम, भरतकूप आदि स्थानों के दर्शन किए।
पौष माह की अमावस्या पर डुबकी लगाने के लिए ठंड के बीच श्रद्धालु एक दिन पूर्व ही ट्रेन व विभिन्न साधनों से धर्मनगरी पहुंचने लगे थे। ठंड के देखते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी के निर्देश पर नगर पालिका ने अधिशाषी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने विभिन्न स्थानों में अलाव जलवाएं।
पौष की अमावस्या में भी नोटबंदी का असर देखा गया। लाखों श्रद्धालु आए लेकिन दुकानदारों के चेहरे उदास रहे। तीर्थ क्षेत्र के मिठाई, प्रसाद व चायपान के दुकानदार विनोद कुमार, रामधनी और विक्रम सिंह ने बताया कि भीड़ तो खूब रिही लेकिन आमदनी नहीं हुई। यहां तक कि पूंजी भी नहीं निकली।