नोट बंदी के बाद से कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। लेकिन धर्मनगरी में अभी इसकी रफ्तार धीमी है। यहां के आधा दर्जन पेट्रोल पंपों, दो होटलों और शॉपिंग मॉल में ही स्वाइप मशीन से भुगतान शुरू हो पाया है। वहीं यहां का व्यापारी वर्ग कैशलेस को लेकर असमंजस की स्थिति में है। उनका कहना है कि पिछडे़ इलाके में ज्यादा जागरूकता न होने के कैशलेस भुगतान व्यवस्था शुरू करने से ग्राहक आना न छोड़ दे।
धर्मनगरी में कैशलेस को लेकर स्कूल, कालेजों के छात्र- छात्राओं से जागरूकता रैली जरूर निकाली जा रही है। जिसका आंशिक प्रभाव दिखाई पड़ रहा है। कैशलेस व्यवस्था के प्रति लोगों की रूचि जरूर जिले में बढ़ रही है लेकिन अभी तक इसका प्रयोग करने में लोग हिचकिचा रहे हैं।
जिले में कामदगिरी फीलिंग स्टेशन खोह के प्रोपराइटर अतुल सिंह ने बताया कि स्वाइप मशीन लगाकर ग्राहकों को कैशलेस भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसी तरह बेडीपुलिया, सीतापुर व मुख्यालय के आधा दर्जन पेट्रोल पंपों में स्वाइप मशीन लगाई गई है।
मुख्यालय के रामकृपा होटल में भी आनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू हुई है। दो स्वाइप मशीन भी लगाई हैं। मंगलम मॉल में भी स्वाइप मशीन से ग्राहक पेमेंट कर रहे हैं। शहर के व्यापारी देवेंद्र केशरवानी, महेश गुप्त, राहुल गुप्ता, गोलू, सुरेश तिवारी, लवलेश सिंह, विष्णु केशरवानी व नत्थू लाल ने बताया कि कैशलेस के प्रति लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं। लेकिन पूरी व्यवस्था शुरू होने में यहां देर लगेगी।
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धर्म नगरी घूमने आए स्काटलैंड के पीटर सैम्यूल और समु क्राक्स ने बताया कि उनके पास ज्यादा कैश नहीं है क्योंकि जब वह इंडिया आए तो उनको ज्यादा करेंसी नहीं दी गई। आनलाइन होटल व भोजन की बुकिं ग होने के कारण इसकी तो कोई समस्या नहीं आ रही लेकिन घूमने के दौरान कुछ चीजें अच्छी लगती है जिन्हें कम नगदी होने के कारण नहीं खरीद पाते और कहीं-कहीं तो दो हजार की नोट का दुकानदार फुटकर भी नहीं दे पाते। नोटबंदी के बारे में कहा कि इसका आगे चलकर परिणाम विदेशियों के लिए तो अच्छा ही रहेगा।