सोमवार रात तीर्थ क्षेत्र से लगे
शिवरामपुर स्टेशन के पास मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से यहां से
आने और जाने वाली सारी गाड़ियां रात भर के लिए डायवर्ट कर दी गई। ऐसे में
स्टेशन पर हजारों यात्री परेशान रहे। तीर्थ क्षेत्र से रात को दस बजे के
बाद इलाहाबाद, कानपुर आदि शहरों के लिए बसें भी उपलब्ध नहीं है
गौरतलब
है कि सोमवार रात शिवरामपुर स्टेशन के पास एक मालगाड़ी के सात डिब्बे पटरी
से उतर जाने के कारण लगभग पंद्रह घंटे तक रेल यातायात बाधित हो गया था। ऐसे
मेें तीर्थ क्षेत्र में आए हजारों यात्री ट्रेनों के इंतजार में परेशान
होते नजर आए।
स्टेशन पर बने दो यात्री विश्रामालय यात्रियों से भरे थे।
यात्रियों के पास इंतजार के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था। तीर्थ क्षेत्र
में घूमने आए गुजरात के गांधीधाम निवासी मोहन प्रसाद, रहीम भाई और जमुना
आदि ने बताया कि उनको महाकौशल एक्सप्रेस से आगरा जाना था।
वहां से दूसरी
ट्रेन में उनका टिकट था। लेकिन ऐसे में ट्रेन नहीं आने के कारण उन्हें भारी
परेशानी हुई।
पहले
से ही यात्री ट्रेनों के इंतजार में परेशान थे। वहीं विश्रामलय में जगह
नहीं होने से ठंड में यात्रियों में उस समय रोष नजर आया जब तीर्थ क्षेत्र
के स्टेशन पर घूम रहे आवारा जानवरों ने उनकी नींद हराम कर दी।
मथुरा निवासी
रमकल्लिया का कहना था कि वह विश्रामालय में जगह नहीं होने के कारण
प्लेटफार्म पर कंबल बिछाकर अपने पुत्र के साथ लेटी थी कि अचानक आवारा घूम
रही गाय उनके बैग को मुंह में दबाकर भागने लगी। ऐसे कई यात्रियों को रात
में जानवरों ने परेशान किया।
दिल्ली निवासी रोहित सिंह का कहना था कि इतने
बड़े तीर्थ क्षेत्र के स्टेशन पर इस तरह आवारा जानवरों का आंतक समझ नहीं आ
रहा। पूर्व में स्टेशन को निरीक्षण करने के लिए आए कई उच्चाधिकारियों
ने यहां पर काऊ कैप्चर जल्द लगवाने की बात कही थी। लेकिन आज तक नहीं लग
पाया।