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पंचायत चुनाव में भाजपा उतारेगी उम्मीदवार

Sun, 08 Mar 2015 11:15 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
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भाजपा ने दो दिवसीय चिंतन बैठक में मिशन 2017 को लेकर रोडमैप तैयार कर लिया है। इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। हालांकि अभी जिम्मेदारियों का खुले तौर पर इजहार नहीं किया गया है। चिंतन बैठक में यह भी तय हुआ कि पार्टी पंचायत चुनाव में उम्मीदवार उतारेगी।
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 दीनदयाल शोध संस्थान के आरोग्य धाम में रविवार शाम दो दिवसीय चिंतन बैठक के समाप्त होने के बाद प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बैठक सकारात्मक रही। इसमें हिस्सा लेने वाले यूपी विधानसभा चुनाव फतह का संकल्प लेकर जा रहे हैं।

रोडमैप तैयार हो चुका है। अब बस काम ही काम होगा। संगठन की सक्रियता से लेकर जनता के बीच धमाकेदार उपस्थिति दर्ज कराने की कार्ययोजना बन गई।

इसमें जातिगत समीकरण के आधार पर चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई।  पार्टी किसी भी हालत में यह चुनाव जीतेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होंगे। इसमें पार्टी अपने प्रत्याशी उतारेगी। पंचायत चुनाव में प्रधान पद के चुनाव को छोड़कर सभी पदों पर पार्टी अपने उम्मीदवार लड़ाएगी।
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हालांकि इस चुनाव में पार्टी सिंबल देने का प्राविधान नहीं है। उन्होंने यह मानने से इंकार किया कि पार्टी ने यह बैठक रूठे हुओं को मनाने के लिए बुलाई। जब उनसे यह पूछा गया कि बैठक में कौन-कौन सीटें ज्यादा कमजोर पाई गई हैं और इन पर मेहनत करने की जरूरत महसूस की गई है, उनका कहना था कि हम पूरे प्रदेश में सभी सीटों पर मेहनत की जरूरत महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बैठक सौ फीसदी सफल रही और यह पूरी तरह से गोपनीय बैठक थी। जब उनसे पूछा गया कि बैठक में उन कार्यकर्ताओं को तो तरजीह नहीं दी गई, जो जमीनी और निचले कार्यकर्ता हैं। ओम माथुर के चेहरे पर थोड़ा रोष झलका, बोले- भाजपा में कोई उंचला, निचला नहीं होता।

यहां यह बता देना जरूरी है कि स्थानीय ज्यादातर नेता पत्रकारों से ही पूछते रहे कि बताइए अंदर क्या हुआ, क्या बातें हुईं। उन्होंने कहा कि पार्टी के हर वरिष्ठ नेता अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। प्रदेश प्रभारी की इस दलील की झलक भी बैठक खत्म होने के बाद दिखाई पड़ी। है।

चिंतन बैठक में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर बुजुर्ग नेताओं के चेहरे खिल नजर आए।  हालांकि बैठक का समापन होते ही प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी चले गए।
 
कश्मीर में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा कट्टर अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को रिहा करने के मुद्दे पर चिंतन बैठक में आए भाजपाई चिंतित और व्यथित नजर आए।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने जहां कहा कि बेशक जिस तरह से पार्टी ने पीडीपी के गठबंधन को लेकर सोचा था, वह उस ढंग से काम नहीं कर रही। हम अपने केंद्रीय नेतृत्व पर सुई की नोक के हजारवें भाग के बराबर भी शक नहीं कर सकते।

आशा है कि जल्द ही बड़े नेता इस पर फैसला लेंगे। उधर, जब इस संबंध में ओम माथुर से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर इससे कन्नी काट ली कि यह केंद्र का मामला है। हालांकि उनके चेहरे की तल्खी कुछ और बयान कर रही थी।
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ओम माथुर ने प्रदेश के सदस्यता अभियान की सराहना की।

बताया कि पूरे देश में उत्तर प्रदेश इसमें अव्वल रहा है। अभी तक एक करोड़ 26 लाख सदस्य बनाए जा चुके हैं और डेढ़ करोड़ का लक्ष्य है।
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