ोटो-5- पदम विभूषण जगदगुरुरामभद्राचार्य
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चित्रकूट। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य और उनके चार गनर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद पूरे प्रमोदवन व कांच मंदिर एरिया को हॉटस्पॉट बनाकर बैरिकेडिंग की गई। साथ ही रामभद्राचार्य के आवास कांच मंदिर क्षेत्र में रहने वाले 50 से ज्यादा लोगों के सैंपल लेकर क्षेत्र को सैनिटाइज किया गया।
पांच अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन से लौटने के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य तुलसीपीठ कांच मंदिर में ही प्रवास कर रहे थे। जगद्गुरु के कोरोना संक्रमित निकलने के बाद से पूरे चित्रकूट क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रमोदवन कांच मंदिर व दिव्यांग विवि परिसर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और क्षेत्र को हॉटस्पॉॅट घोषित कर लोगों के कोेरोना सैंपल लिए। मध्यप्रदेश के सतना जिले के मझगवां एसडीएम हेमकर धुर्वे ने बताया कि कांच मंदिर को सील कर लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। वहीं विवि के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने बताया कि विवि के शिक्षक व अन्य स्टाफ के भी सैंपल लिए जाएंगे।
दिनभर चर्चाओं का भी बाजार गर्म रहा
शुुक्रवार की रात को जगद्गुरु की तबीयत बिगड़ने पर उनके लखनऊ रेफर होते ही शनिवार की सुबह से संक्रमित होने की चर्चाएं होने लगी, लेकिन जगद्गुरु के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास के रिपोर्ट न आने की बात से उहापोह की स्थिति बनी रही। वहीं पूरे कांच मंदिर व विवि परिसर में मौजूद लोगों के सैंपल भी लिए जाते रहे। दोपहर बाद जगद्गुरु के उत्तराधिकारी ने रिपोर्ट पॉजिटिव होने की पुष्टि की, तब चर्चाओं का दौर थमा।