चित्रकूट। जिले में इस बार 21 हजार से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी गेहूं की फसल नहीं बेच पाएंगे। वजह, सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता कर दी है। ऐसे में जिन काश्तकारों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, वो अपना अनाज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचने से वंचित रहेंगे। जिससे हजारों किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने खाद्य एवं रसद तथा कृषि विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए किसान पहचान पत्र और फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है। इसका असर छोटे और सीमांत किसानों पर सबसे ज्यादा पड़ने की आशंका है। ऐसे किसानों को निजी व्यापारियों को कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ सकता है या जल्द फार्मर रजिस्ट्री करानी होगी।
जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया, किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लिए निरंतर कहा जा रहा है। 6 अप्रैल से बुधवार तक एक अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान में जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो जाएगी। उससे गेहूं की खरीद होगी। समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर लें। इससे उन्हें एमएसपी का लाभ मिल सके।