पहाड़ी (चित्रकूट)। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ ने परसौंजा गांव में भारी तबाही मचाई है।
अब तक 100 से अधिक परिवार चपेट में आए, 80 से अधिक कच्चे मकान गिर गए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया, गृहस्थी का सामान, कपड़े और जरूरी चीजें तेज बहाव में बह गईं।
बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांव में तबाही का मंजर है। कई घर मिट्टी में मिल गए, कुछ में सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। कई परिवारों के पास सिर छिपाने तक की जगह नहीं बची, न खाना बनाने की जगह, न खाने को अनाज।
बाढ़ की वजह से गांव के बुद्धराज यादव, चुनकौना श्रीवास, सत्यनारायण, प्रेम नारायण, राजकुमार कोटार्य, राकेश वर्मा, मइयादीन यादव, चुन्नू यादव, विमला, पप्पू यादव के घर गिर चुके हैं। इनके अलावा छत्रपाल, शिवनरेश, सदाशिव यादव, मलखान यादव, बाबूलाल यादव, छोटू यादव, चुनकू यादव, रामकिशोर यादव, रामदयाल, नत्थू, शिवनरेश, बल्लू, जयकरन, राजकरण यादव, रामसूफल प्रजापति, रामफल प्रजापति समेत कई परिवारों के घर गिर गए।
उधर, विजय द्विवेदी का गेहूं, चना, सरसों, जौ व 40 बोरी खाद के साथ ट्रैक्टर भी खराब हो गया। परसन प्रजापति व चुन्नीलाल की मक्का फसल को नुकसान हुआ। संतोष के पांच मवेशी बह गए और राम खेलावन प्रजापति के टेंट का सामान नदी में बह गया।
वहीं कई परिवार ऐसे है, जिनके पास अब कोई घर नहीं है, खाना बनाने खाने के लिए जगह नहीं है, कई परिवारों के पास खाने के लिए अनाज भी नहीं बचा है। यह लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
फोटो 31 सीकेटीपी-25- बुद्धराज का पानी से गिरा घर। संवाद
फोटो 31 सीकेटीपी-25- बुद्धराज का पानी से गिरा घर। संवाद
फोटो 31 सीकेटीपी-25- बुद्धराज का पानी से गिरा घर। संवाद