राजापुर/सरैंया/भौंरी/मानिकपुर (चित्रकूट)। जिलेभर में खाद की किल्लत को लेकर किसान परेशान है। सहकारी समितियों में खाद पहुंचने के बाद किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। दरअसल कई समितियों का चार्ज एक ही सचिव के पास होने व पॉस मशीन खराब होने के कारण वितरण नहीं हो पा रहा है। परेशान किसान घंटों इंतजार के बाद मायूस होकर लौट रहा है।
सचिव न होने के कारण गुरुवार को राजापुर क्षेत्र के भदेदू, सरधुवा सहकारी समितियों में खाद नहीं बंट सकी। इसी तरह से सरेैंया समिति व ऊचाडीह समिति का चार्ज एक ही सचिव के पास होने से खाद का वितरण नहीं हो सका। भौरी समिति में पॉस मशीन की खराबी के कारण दोपहर बाद खाद बंटनी शुरू हो सी। दूसरी मशीन लेकर जब कर्मचारी पहुंचे तो किसानों की भीड़ होने के चलते पुलिस बुलाकर टोकन व्यवस्था से खाद बंटनी शुरू हुई। ऊ ंचाडीह समिति में भी पॉशमशीन में नेटवर्क की समस्या रही। जिससे कुछ ही किसानों को खाद का वितरण किया गया। खाद लेेने के लिए महिला किसान बच्चों को लेकर समिति पहुंची। यहां उन्हें शाम तक खाद के लिए इंतजार करना पड़ा। इसी क्रम में खोही, चकौंध, घुरेटनपुर, शिवरामपुर, रसिन, लोहदा, पहाड़ी, बरद्वारा समितियों में नियमित रूप से खाद का वितरण हुआ।
कोआपरेटिव सोसाइटी के एआर नरेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकतर समितियों में खाद का वितरण हो गया है। राजापुर क्षेत्र में एक सचिव तीन समितियों का चार्ज लिए है, जिससे भदेदू व सरधुवा का वितरण नहीं हो सका। इसी तरह से सरैंया का नहीं हो सका। भौरी समिति में पॉशमशीन की खराबी के कारण समस्या रही।
बैठक में जताई नाराजगी
चित्रकूट। खाद की समस्या को लेकर बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा की समस्या को लेकर जिलाध्यक्ष सुरेश मिश्र की अध्यक्षता में बैठक कार्यालय में हुई। जिसमें समय से खाद का वितरण न होने पर नाराजगी जताई गई।
यूरिया का अधिक उपयोग हानिकारक
चित्रकूट। प्रगतिशील किसान शिव प्रसाद शुक्ला,योगेश जैन ने बताया कि यूरिया खाद अधिक उपयोग करना फसल व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। किसानों को जैविक खाद का ही उपयोग करना चाहिए।
लक्ष्य से अधिक खाद का किया गया वितरण
चित्रकूट। कोआपरेटिव सोसाइटी के एआर नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सहकारिता विभाग का खरीफ अभियान 2020-21 का यूरिया उर्वरक माह अगस्त 2020 तक लक्ष्य 1608 एमटी था। 26 अगस्त 2020 तक यूरिया का वितरण 2036.220 मीट्रिक टन हो गया है। जो माह अगस्त के लक्ष्य का 126 प्रतिशत है। इसी तरह सितंबर 2020 तक का लक्ष्य 2459 मीट्रिक टन जिसके सापेक्ष समितियों पर 2617.020 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराई जा चुकी है।