चित्रकूट। देवकली गांव में पति पत्नी की मौत के बाद डेढ़ साल के आयुष अनाथ हो गया है। किसी को यह अहसास भी नहीं था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। महिलाएं सिपाही व उसकी कुसुम को याद कर रोने लगते हैं।
देवकली गांव के आयुष जिसके मां बाप का साया उजड़ गया। सिपाही के बाहर चले जाने पर पत्नी घर की सारी जिम्मेदारी निभाती थी। इससे ससुराल पक्ष के सदस्य खुशी- खुशी रहते थे। घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत है। पिता जौहरी प्रसाद गांव में ही खेती करते थे। जिसमें अच्छी उपज भी हो जाती है। दो मंजिला पक्का घर भी बना है। छोटा भाई सज्जन पटेल जिला के सीमा से सटे सतना शहर में एक डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता हैं। पिता जौहरी प्रसाद व मां राजकिशोरी इस घटना के बाद गुमशुम से बैठे हैं।
दोनों के मोबाइल से मिलेगी महत्वपूर्ण जानकारी
चित्रकूट। सिपाही व उसकी पत्नी की मौत के बाद हलांकि जांच व कार्रवाई को लेकर ज्यादा लोगोंं में कौतुहल नहीं है। क्योंकि दोनों दुनिया से चले गए इसके बावजूद पुलिस जांच टीम ने दोनों के मोबाइल जांच टीम ने अपने कब्जे में लिये हैं। इसकी भी जांच कराई जा रही है। इससे कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। मृतका के मायका पक्ष से भी पूछताछ होगी। संवाद