ऐसा लगता है कि अफसर तहसील, ब्लाक और थाना स्तर पर समस्याओं का निस्तारण नहीं कर रहे, अन्यथा तहसील दिवस में इतनी भीड़ न उमड़ती। ये बात जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने तहसील दिवस में कही। उन्होंने कहा कि अधिकारी मेहरबानी करके शिकायतों का निस्तारण तत्काल करें। एक्सईएन विद्युत के गैरहाजिर रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए।
मंगलवार को तहसील दिवस में फरियादियों की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर पिछले तहसील दिवस के 12 प्रकरण अनिस्तारित पाए गए। कुल 226 शिकायती पत्र आए, जिनमें से सिर्फ चार का मौके पर निस्तारण किया गया। अरवारी के ग्रामीण ने नाबालिग पुत्री के साथ हुए दुराचार के मामले में बरगढ़ पुलिस द्वारा सही धाराओं में मामला दर्ज न करने और आरोपियों से मिलीभगत होने की शिकायत की।
वहीं मुरका निवासी राकेश तिवारी पुत्र प्रभुनाथ ने बताया कि जमीन पर स्टे के बाद भी कब्जे के विरोध में वह अनशन पर बैठा था। इस पर उपजिलाधिकारी और सीओ ने एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त करा दिया, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। उसने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उसे न्याय दिलाया जाए। इस पर डीएम ने संबंधितों को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम ने उपजिलाधिकारी मऊ को निर्देश दिए कि वरासत के प्रार्थनापत्रों को दो दिन के अंदर दर्ज कराएं।
कोटेदारों से समय से खाद्यान्न बंटवाने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियाें से कहा कि तहसील दिवस में आने वाले प्रार्थनापत्रों का एक सप्ताह में निस्तारण करें। बताया कि खंडेहा में चकबंदी के लिए टीम लगा दी गई है। तहसील दिवस में एसपी पवन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी मुजाहिदुल अहसन, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केडी द्विवेदी, उप जिलाधिकारी मऊ मिश्री लाल आदि मौजूद रहे।
भाजपाइयों ने दिया ज्ञापन
तहसील दिवस में भाजपाई अमितेश बाजपेयी, सुनील कुमार मिश्र, जन्मेजय द्विवेदी, अमरीष मिश्रा, द्वारिका प्रसाद द्विवेदी, पुष्पा मिश्रा, नवल किशोर मिश्र आदि ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें बताया कि उपजिलाधिकारी को मऊ की समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हो रहा। ज्ञापन में सुरौंधा से बरगढ़ घाटी तक हाईवे पर सड़क खोदकर छोड़ देने से जनधन की हानि की ओर ध्यान आकृष्ट कराया गया। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था सुचारु कराने, किसानों को समय से सहायता दिए जाने आदि की मांगें भी शामिल हैं।