खोही (चित्रकूट)। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय और कृषि संकाय के संयुक्त तत्वावधान में कृषि एवं खाद्य उत्पादों का मानकीकरण विषय को लेकर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता बीआईएस मप्र भोपाल के मानक संवर्धन अधिकारी वैज्ञानिक श्रीधर पांडेय रहे। वेबिनार की अध्यक्षता कुलपति प्रो नरेश चंद्र गौतम ने की।
वैज्ञानिक पांडेय ने भारतीय मानक ब्यूरो के संदर्भ में बताया कि वर्तमान परिदृश्य में कृषि उत्पादों के मानकीकरण की आवश्यकता है। बाजार में उपलब्ध उत्पाद को उपभोक्ता के लिए, एक निश्चित उत्पाद पर मानकों का सामंजस्य पूर्ण विकास करना ही भारतीय मानक ब्यूरो का मूल उद्देश्य है। बीआईएस कंपनी एवं विक्रेता और उपभोक्ता के बीच आश्वासन की एक कड़ी है। कृषि उत्पादों के मानकीकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में कृषि सेक्टर से जुड़े कृषकों को, बीएसआई के संदर्भ में जानकारी के अभाव में नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रौद्योगिकी के माध्यम से कृषि उत्पादों को सुधारना उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी पर अपने ज्ञान और कौशल को अपडेट करना आज आवश्यक है। जिससे हम अपने कृषि उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में विक्रय करने के लिए सफल हो सके।
वेब संगोष्ठी के संरक्षक एवं ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गौतम ने कहा कि उच्च गुणवत्ता युक्त प्रोडक्ट के व्यापार के लिए विश्व खुला मंच है। कार्यक्रम आयोजन अध्यक्ष डा. आंजनेय पांडेय ने आभार जताया। उन्होंने कहा कि मानकीकरण का प्रयोग करते हुए कैसे व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं इस पर ध्यान देने की दरकार है।