धार्मिक नगरी चित्रकूट का रामघाट - फाइल फोटो - संवाद
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चित्रकूट/खोही। यूपी और एमपी क्षेत्र में फैली भगवान श्रीराम की तपोस्थली को फ्री जोन घोषित कर दिया गया है। यूपी और एमपी सरकार के बीच हुए करार के तहत अब एक-दूसरे की सीमा में आने-जाने के लिए दोनो प्रदेशों के वाहनों को सीमा पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। यह नियम दस किमी परिधि क्षेत्र मेें लागू रहेगा। सरकार के इस फैसले पर साधु-संतों के अलावा यहां के लोगों ने भी खुशी जताई है।
धर्मनगरी क्षेत्र में रामघाट पर मंदाकिनी नदी के एक तरफ यूपी क्षेत्र और दूसरी तरफ एमपी क्षेत्र पड़ता है। यहां के कुछ तीर्थ क्षेत्र यूपी और कई एमपी क्षेत्र में पड़ते हैं। अभी तक यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों की बसों और अन्य साधनों से सीमा पर टैक्स वसूला जाता था। इस पर प्रदेश सरकार ने सीमा पर स्थित आने वाले वाहनों को टैक्स से छूट देने का प्रस्ताव पास किया है। यूपी और एमपी क्षेत्र में दोनों तरफ फ्री जोन घोषित किया है। इस पर साधु-संतों ने खुशी जताई है।
चित्रकूट। भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवन दास, जानकी महल के महंत सीताशरण महराज, कामदगिरी मंदिर के संत मदनदास महाराज, कथा वाचक नवलेश दीक्षित व आचार्य बृजेंद्र महराज ने बताया कि चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र मेें यूपी और एपमी क्षेत्र में वाहनों पर दस किमी तक कोई टैक्स न लगने से तीर्थ यात्रियों को सहूलियत मिलेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। व्यापारियों ने बताया कि प्रदेश सरकार ने बहुत अच्छा निर्णय लिया है। इससे श्रद्धालुओं पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
पार्किंग के नाम पर की जाती है वसूली
चित्रकूट। धर्मनगरी क्षेत्र को भले ही यूपी-एमपी क्षेत्र को फ्री जोन घोषित कर वाहनों से कर न लेने की बात कहीं जा रही हो पर गली गली पर वाहन पार्किंग के नाम पर यूपी और एमपी क्षेत्र में वाहनों से वाहन खड़ा करने के नाम पर वसूली की जाती है। इसको लेकर यात्रियों और ठेकेदारों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका है। सबसे अधिक एमपी क्षेत्र में वाहन पार्किंग के नाम पर वसूली होती है। इसमेें हनुमानधारा समेत अन्य तीर्थ स्थान शामिल हैं।