चित्रकूट। खुले स्कूलों में इन दिनों कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए पढ़ाई कराई जा रही है। छात्र-छात्राएं भी सावधानी बरत रहे हैं। हेल्प डेस्क के माध्यम से शिक्षक छात्र-छात्राओं को स्वस्थ रहने के लिए योग करने व पौष्टिक भोजन करने की सलाह दे रहे हैं। जिले में भले ही कोरोना मरीजों की संख्या शून्य हो गई है
लेकिन उसका डर अभी भी है। फिर भी छात्र-छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई ऑफलाइन ही अच्छी होती है। ऑनलाइन तो बस काम चलाने के लिए है। दूसरी ओर यह भी सामने आया कि अब क्लास शुरू होने से पहले होने वाली प्रार्थना नहीं हो रही। सामूहिक गपशप के लिए एकत्रित होने वाले छात्र-छात्राओं को एक साथ देख टोकाटाकी भी की जा रही है।
- क्लास में बेंच दूर-दूर लगाई गई हैं। एक दूसरे से दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।
- सामूहिक रूप से प्रार्थना भी बंद हो गई है।
- स्पोर्ट्स फिलहाल बंद है, जल्द ही चालू होने के आसार है।
- मध्यान्ह भोजन होता है लेकिन एक दूसरे से दूर रहकर छात्र-छात्राएं भोजन करते हैं।
छात्रा रूपल सिंह ने बताया कि उसने वैक्सीन लगवा ली है। अब उसे कोरोना से डर नहीं लगता है। कालेजों में ऑफलाइन ही पढ़ाई होनी चाहिए।
छात्रा सुष्मिता पांडेय ने बताया कि कोरोना महामारी में कमरे में बंद रहने के बाद अब कालेज आना अच्छा लगता है। शिक्षकों से पढ़ाई के विषय में जानकारी प्राप्त करने का यह अच्छा तरीका है।
छात्र उत्कर्ष पांडेय का कहना है कि कोरोना काल के नियमों का पालन अब भी स्कूल में किया जा रहा है। स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक भोजन भी करते हैं।
छात्र हिमांशु पांडेय का कहना है कि कोरोना के कारण मौज मस्ती खत्म हो गई थी। जिसको दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
चित्रकूट इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी कालेज के प्रधानाचार्य विनय कंचनी का कहना कि अभिभावकों की सहमति के बाद छात्र-छात्राओं को बुलाया गया है। विशेष एहतियात बरती जा रही है।
उच्चतर माध्यमिक जेएम पब्लिक कालेज के प्रधानाचार्य अनूप श्रीवास्तव का कहना कि पहले की तरह कालेज का संचालन किया जा रहा है। कोई समस्या न हो इसका भी विद्यार्थियों से मिलकर कार्य किया जा रहा है।
फोटो-7- रूपल।- फोटो : CHITRAKOOT
फोटो-8- सुष्मिता।- फोटो : CHITRAKOOT
फोटो-9- उत्कर्ष।- फोटो : CHITRAKOOT